देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध पावन चारधाम यात्रा में इस साल श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। यात्रा की शुरुआत से ही रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आला अधिकारियों को दोटूक निर्देश दिए हैं कि यात्रा व्यवस्थाओं की रोजाना (Daily) समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।
2025 के मुकाबले इस साल 15% ज्यादा पहुंचे श्रद्धालु सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल चारधाम यात्रा ने लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बीते वर्ष 2025 की तुलना में इस साल शुरुआती महीनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या में 15 प्रतिशत (15%) से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। देश-विदेश से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के इस भारी दबाव के कारण यात्रा रूटों पर प्रशासनिक मुस्तैदी को कई गुना बढ़ा दिया गया है।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: रोजाना होगी समीक्षा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- उन्होंने मुख्य सचिव से लेकर जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों (SSP/SP) को ग्राउंड जीरो पर एक्टिव रहने को कहा है।
- यात्रा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विभागों को हर दिन की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भेजने और आने वाली हर समस्या का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पेयजल, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, सड़कों की स्थिति और तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्थाओं पर पल-पल की नजर रखी जा रही है।
यात्रियों के लिए भी एडवाइजरी जारी श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से पंजीकरण (Registration) और मौसम का अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार हर एक श्रद्धालु की सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और संसाधनों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।