देहरादून, 14 अक्टूबर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोमवार (13 अक्टूबर) को घोषणा की कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। हालांकि घोषणा में किसी विशिष्ट योजना, बजट या समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन इसे पहाड़ी राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उत्तराखंड की भौगोलिक बनावट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। पिथौरागढ़ और चमोली जैसे दूरस्थ जिलों में अकसर डॉक्टरों, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की कमी सामने आती है। बरसात और सर्दियों में कई गांव सड़क संपर्क से कट जाते हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है।
पहले भी राज्य सरकार दूरस्थ पहाड़ी इलाकों तक पहुंचने के लिए टेलीमेडिसिन और मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों जैसे माध्यमों का उपयोग कर चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का ढांचा भी पहले से मौजूद है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई विशिष्ट योजना, बजट आवंटन या जिला-स्तरीय क्रियान्वयन आदेश जारी होता है या नहीं। ठोस कदमों की घोषणा से ही इस वादे की दिशा स्पष्ट होगी।
स्रोत: Nation Press / उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय (X पोस्ट)

