देहरादून। उत्तराखंड में NEET-UG दाखिलों में कथित धांधली का मामला गहराता जा रहा है। देहरादून के एसडीएम (सदर) द्वारा आखिरी वक्त में जारी किए गए 36 स्थायी निवास और श्रेणी प्रमाणपत्र अब जांच के दायरे में आ गए हैं। इन प्रमाणपत्रों के जरिए राज्य के मेडिकल कॉलेजों में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के तहत दाखिला लेने के आरोपों की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है।
यह आरोप देहरादून के सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप बहुगुणा ने लगाए थे, जिन्होंने पहले भी NEET दाखिलों में गड़बड़ी के सबूत स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे थे। इससे पहले फर्जी दस्तावेजों से MBBS सीटें हथियाने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, जिनमें चार छात्राएं शामिल हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने चारों छात्राओं के MBBS दाखिले रद्द कर दिए हैं।
मामले में SIT अब तक दो लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। इसके बाद विभाग ने राज्य काउंसलिंग में हिस्सा लेने वाले सभी 10 सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि श्रेणी या उप-श्रेणी का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन किया जाए।
यह मामला मेडिकल दाखिला प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों और छात्रों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि मेहनती छात्रों के हक न मारे जाएं।