गैरसैंण, 28 अक्टूबर: उत्तराखंड सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को गैरसैंण स्थित विधानसभा भवन में यह बजट रखा। इसके साथ राज्य का कुल बजट आकार 1,11,703.21 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो गया है। अनुपूरक बजट में 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च और 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व खर्च के लिए रखे गए हैं। सरकार का कहना है कि यह अतिरिक्त राशि विकास कार्यों को गति देने और जनकल्याण की योजनाओं को मजबूती देने के काम आएगी।
इस बजट की सबसे बड़ी चर्चा आगामी अर्धकुंभ मेले को लेकर है। हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ के लिए बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुंभ से जुड़े कार्यों के लिए अलग से राशि का प्रावधान किया गया है, ताकि घाटों, सड़कों, पेयजल, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का काम समय पर पूरा हो सके। हरिद्वार देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों का केंद्र है, इसलिए वहां की तैयारी को सरकार प्राथमिकता दे रही है। मेले से पहले होने वाले कामों का सीधा असर लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा पर पड़ेगा।
स्थानीय निकायों को भी इस बजट में बड़ी राहत मिली है। छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें मानते हुए सरकार ने स्थानीय निकायों को राज्य के कर राजस्व में मिलने वाला हिस्सा 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया है। इसके लिए 721 करोड़ रुपये रखे गए हैं। ग्रामीण और शहरी निकायों को मिलने वाली यह अतिरिक्त राशि सड़कों, नालियों, पेयजल और साफ-सफाई जैसे रोजमर्रा के कामों में खर्च होगी। इसके अलावा पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का भी प्रावधान है।
किसानों के लिए भी बजट में अहम घोषणाएं हैं। खाद्य आपूर्ति योजना के तहत धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं। गैरसैंण पेयजल बांध परियोजना के लिए 122 करोड़, केएफडब्ल्यू पेयजल परियोजना के लिए 110 करोड़ और एशियाई विकास बैंक से जुड़ी शहरी योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जोशीमठ और प्रभावित क्षेत्रों में भू-धंसाव से निपटने के लिए 48 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
पुलिस के बुनियादी ढांचे के लिए 55 करोड़, न्यायिक ढांचे के लिए 22 करोड़, शहरी विभाग के कार्यालय भवनों के लिए 15 करोड़ और पंचायत भवनों के लिए 5 करोड़ रुपये भी बजट में शामिल हैं। नया राज्य डेटा सेंटर बनाने के लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले आया यह बजट सरकार की विकास प्राथमिकताओं को साफ दिखाता है, लेकिन असली परीक्षा इस राशि के समय पर और जमीन पर खर्च होने की होगी। आम लोगों को इसका फायदा तभी मिलेगा जब सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा के काम तय समय में पूरे हों।
स्रोत: राज्य सरकार के बजट प्रस्तुतीकरण पर आधारित समाचार रिपोर्टें

