moradabad news-समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। यूनिवर्सिटी परिसर के 38 भवनों को ढहाने के रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के आदेश पर मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर ने फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन और आजम खान के समर्थकों ने बड़ी राहत की सांस ली है, क्योंकि लंबे समय से इन इमारतों पर बुलडोजर चलने का खतरा मंडरा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरादाबाद कमिश्नर कार्यालय में 28 जुलाई को अहम सुनवाई होनी तय थी। हालांकि, शोक अवकाश और वकीलों की हड़ताल के चलते उस दिन न्यायिक कार्य नहीं हो सका और सुनवाई टल गई। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से एक प्रार्थना पत्र दाखिल कर तात्कालिक राहत की मांग की गई थी।
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह का बड़ा फैसला
यूनिवर्सिटी प्रबंधन की अर्जी पर संज्ञान लेते हुए मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने मामले में दखल दिया। उन्होंने रामपुर विकास प्राधिकरण के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक स्टे लगा दिया है। दरअसल, आरडीए ने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए इन इमारतों को गिराने का निर्देश दिया था, जिसे यूनिवर्सिटी पक्ष ने अपीलीय मंच पर चुनौती दी थी।
अब इस प्रशासनिक आदेश के बाद 38 भवनों पर होने वाली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी तरह थम गई है। आगे की कानूनी स्थिति अब अगली सुनवाई के दौरान साफ होगी, जहां यह तय किया जाएगा कि विकास प्राधिकरण के फैसले को बरकरार रखा जाएगा या उसमें किसी तरह के बदलाव की गुंजाइश बनती है।