Amroha News-अमरोहा, मा० राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन एवं जनपद प्रभारी मंत्री श्रीमती गुलाब देवी जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के विकास कार्यों एवं विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मा० जिलाध्यक्ष भाजपा उदयगिरि गोस्वामी, मा० शिक्षक विधायक डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, मा० विधायक हसनपुर महेन्द्र सिंह खड़गवंशी, मा० विधायक धनौरा राजीव तरारा, जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़, पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव तथा मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारम्भ में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य विकास अधिकारी ने प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत माता/पिता के निधन से प्रभावित 02 बच्चों को ₹2,500 प्रतिमाह सहायता हेतु प्रमाण-पत्र तथा कोविड-19 के दौरान माता अथवा पिता में से किसी एक का निधन होने वाले 08 बच्चों को लैपटॉप वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सर्वप्रथम मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र ने प्रभारी मंत्री जी को जनपद के विकास कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न विभागों की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई विभागों ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस पर प्रभारी मंत्री ने प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विभागों की सराहना करते हुए अन्य विभागों को भी बेहतर प्रदर्शन कर शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्रीमती गुलाब देवी जी ने कहा कि जो अधिकारी बेहतर कार्य कर रहे हैं, वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित शौचालयों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी वास्तविक स्थिति एवं उपयोगिता का आकलन करें, जिससे योजना का उद्देश्य पूर्ण रूप से साकार हो सके।
उन्होंने वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों के संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण एवं उनका संरक्षण पुण्य का कार्य है तथा सभी संबंधित विभाग इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों में केवल औपचारिकता न हो, बल्कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई दे तथा प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद में कहीं भी नकली दवाओं की बिक्री न होने पाए। मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच की जाए तथा झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने पात्र लाभार्थियों के चयन में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों को ही मिलना चाहिए।
जल जीवन मिशन (हर घर जल योजना) की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिशासी अभियंता, जल निगम को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से शीघ्र ठीक कराया जाए तथा शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि योजना का लाभ अधिकाधिक लोगों तक पहुँच सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विकास एवं निर्माण कार्यों में लगाए जाने वाले शिलापट्टों पर शासनादेश के अनुरूप जनप्रतिनिधियों के नाम अनिवार्य रूप से अंकित किए जाएँ।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की नियमित जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिकाधिक पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद एवं समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की।
अंत में जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि बैठक में प्राप्त सभी निर्देशों एवं मार्गदर्शन का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन एवं क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी ढंग से किया जाएगा तथा आगामी समीक्षा बैठक में और बेहतर परिणाम प्रस्तुत किए जाएंगे।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्रीमती गरिमा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत सागर, परियोजना निदेशक श्री अम्बरीश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।