संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से इस वक्त की एक बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आ रही है। महाशिवरात्रि के अवसर पर बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने के बाद देश भर में चर्चा का विषय बनीं तमन्ना मलिक की आगामी कांवड़ यात्रा पर प्रशासन ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। कानून-व्यवस्था और इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए संभल की स्थानीय उपजिलाधिकारी (SDM) कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी के खिलाफ यह सख्त कदम उठाया है।
SDM कोर्ट ने जताई शांति भंग होने की आशंका
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की खुफिया रिपोर्ट के आधार पर संभल SDM कोर्ट ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। पुलिस रिपोर्ट में यह अंदेशा जताया गया है कि जिले के संवेदनशील इलाकों से बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने से सांप्रदायिक माहौल बिगड़ सकता है और इलाके की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कोर्ट ने मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस जारी कर अदालत में तलब किया है।
मामले पर एक नज़र (Quick Facts):
| विवरण | जानकारी |
| मामला | बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने पर रोक |
| स्थान | संभल (उत्तर प्रदेश) |
| संबंधित व्यक्ति | तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी |
| प्रशासनिक एक्शन | SDM कोर्ट द्वारा नोटिस जारी कर तलब किया गया |
| रोक का मुख्य कारण | कानून-व्यवस्था और शांति भंग होने की आशंका |
चर्चा में रही थी पिछली कांवड़ यात्रा
गौरतलब है कि तमन्ना मलिक ने जब पिछली बार महाशिवरात्रि के दौरान बुर्का पहनकर कांवड़ उठाई थी, तब यह खबर पूरे देश में सुर्खियों में छा गई थी। इस कदम को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। हालांकि, इस बार सावन/कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और जिले में सांप्रदायिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।