मुरादाबाद: मझोला थाना क्षेत्र के शंकर नगर में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां कक्षा चार के 10 वर्षीय छात्र रोहन ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि छात्र ने छत से अपनी मां और बहन को बुलाया था, लेकिन उनके ऊपर न पहुंचने पर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के चंपावत जिले के गांव सिराही निवासी राजेंद्र सिंह भोरा पिछले 20 सालों से मुरादाबाद के शंकर नगर में किराये के मकान में रह रहे हैं। वह एक कपड़े की दुकान पर काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी, बड़ा बेटा करन भोरा, बेटी माही और 10 वर्षीय सबसे छोटा बेटा रोहन था। रोहन मोहल्ले के ही गौरव पब्लिक स्कूल में कक्षा चार का छात्र था।
बुलाने पर भी नहीं पहुंचीं मां-बहन, नाराज होकर लगा ली फांसी परिजनों के अनुसार, बुधवार रात करीब 9 बजे रोहन छत पर गया था। उस समय उसकी बहन माही भी छत पर मौजूद थी, लेकिन कुछ देर बाद वह नीचे आ गई। इसके बाद रोहन ने बहन को वापस छत पर आने के लिए आवाज लगाई, लेकिन माही ने मना कर दिया। बाद में रोहन ने अपनी मां को छत पर बुलाया, तो उन्होंने घर का काम खत्म करके कुछ देर बाद आने की बात कही। परिजनों का मानना है कि इसी बात से नाराज होकर रोहन ने छत पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
रात 11 बजे छत पर पहुंची मां, मंजर देख उड़े होश रात करीब 11 बजे जब मां काम निपटाकर छत पर पहुंची, तो बेटे रोहन को फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। शोर सुनकर बाकी परिजन भी दौड़ पड़े। परिवार वाले आनन-फानन में रोहन को फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।