मुरादाबाद: छात्र सौरभ सक्सेना अपहरण व हत्याकांड में फैसला, दो दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना

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मुरादाबाद: मुरादाबाद की एडीजे-1 (ADJ-1) कोर्ट ने 2015 में हुए छात्र सौरभ सक्सेना के सनसनीखेज अपहरण और हत्याकांड में अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर दो मुख्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और उन पर 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

जिम से हुआ था अपहरण, हत्या कर छिपाया था शव यह घटना 6 फरवरी 2015 की है। मुरादाबाद के सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र की रामगंगा विहार कॉलोनी स्थित ‘बॉडी फ्यूल फिटनेस एकेडमी’ (जिम) से 22 वर्षीय सौरभ सक्सेना का अपहरण कर लिया गया था। आरोपियों ने सौरभ की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शव को मझोला थाना क्षेत्र में छिपा दिया था। इस मामले में मृतक के भाई गौरव सक्सेना की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

इन धाराओं में मिली सजा पुलिस निरीक्षक नरेंद्र कुमार भटनागर द्वारा मामले की सघन जांच की गई। इसके बाद यह मामला एडीजे-1 कोर्ट में पहुंचा। सरकारी वकील राजीव कौशिक की दलीलों और पेश किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर न्यायाधीश अनिल कुमार ने आरोपी खुर्शीद आलम (पुत्र निजामुद्दीन अंसारी) और शानी उर्फ सदफ शाह (पुत्री मौ. इमरान खान) को दोषी करार दिया।

अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 364 (अपहरण), 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना) और 34 (समान आशय) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 1,10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।