कांठ: मुरादाबाद जिले के कांठ क्षेत्र में तेंदुओं की दहशत और वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। बृहस्पतिवार देर रात करीब 11 बजे कासमपुर गांव स्थित एक निर्माणाधीन मैरिज हॉल में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक और तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए के फंसने की भनक लगते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। वन विभाग की टीम ने रात में ही पिंजरे समेत तेंदुए को अपने कब्जे में लिया और उसे मुरादाबाद स्थित डियर पार्क ले गई, जहां शुक्रवार को उसका मेडिकल परीक्षण किया जाएगा।
मुर्गियों के शिकार के लालच में फंसा तेंदुआ यह निर्माणाधीन मैरिज हॉल कांठ के महमूदपुरा निवासी नईम सैफी का है। परिसर की रखवाली करने वाले चौकीदार यहां मुर्गा पालन भी करते हैं। बीते कुछ दिनों में तेंदुआ यहां से करीब 10 मुर्गों को उठाकर अपना निवाला बना चुका था। चौकीदार की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने सर्च अभियान चलाया और नगर पंचायत की मदद से पिंजरा लगवाया। पिंजरे में रोज शिकार रखकर निगरानी की जा रही थी। बृहस्पतिवार रात जैसे ही तेंदुआ शिकार के लालच में पिंजरे के अंदर घुसा, दरवाजा बंद हो गया और वह कैद हो गया।
एक ही जगह से पकड़ा गया यह तीसरा तेंदुआ कासमपुर का यह इलाका तेंदुओं का हॉटस्पॉट बना हुआ है। क्षेत्रीय वन दरोगा राजेंद्र सिंह के अनुसार, बृहस्पतिवार रात पकड़े गए इस तेंदुए की आयु करीब 4 से 5 वर्ष है। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष (2025) में भी ठीक इसी स्थान से वन विभाग की टीम दो तेंदुओं को पकड़ चुकी है। इसके बावजूद इस क्षेत्र में लगातार तेंदुओं की गतिविधियां देखी जा रही हैं।
कांठ क्षेत्र में 1 महीने के भीतर 4 तेंदुए पिंजरे में कैद लगातार तेंदुओं की मौजूदगी से किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले एक महीने के घटनाक्रम पर नजर डालें तो कांठ क्षेत्र से यह चौथा तेंदुआ पकड़ा गया है:
- 17 सितंबर: भरतपुर गांव में महिला (निर्वेश देवी) पर जानलेवा हमला कर घायल करने वाले तेंदुए को पिंजरे में पकड़ा गया।
- 16 सितंबर: रामसराय भांकरी गांव से एक तेंदुआ पकड़ा गया।
- 24 अगस्त: रामसराय गांव में सरदार पवनदीप सिंह के घर के पास लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हुआ था।
इसके अलावा, 27 अगस्त को छजलैट थाना क्षेत्र में मुरादाबाद-बिजनौर मार्ग (रजपुरा और मथाना के बीच) एक तेंदुआ सड़क किनारे मृत अवस्था में मिला था, जिसकी मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई थी। एक ही महीने में 4 तेंदुओं का पकड़ा जाना दर्शाता है कि इलाके में तेंदुओं का कुनबा लगातार सक्रिय है।