लखनऊ: 60 हजार मानदेय और 1 करोड़ बीमे की मांग को लेकर CHO का महाधरना, 28 सितंबर से डटे हैं अधिकारी

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लखनऊ। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में महाधरना जारी है। CHO संघ के आह्वान पर 28 सितंबर से शुरू हुआ यह आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बड़ी संख्या में जुटे CHO अपनी मांगों पर सरकार से जल्द सकारात्मक फैसला लेने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में PBI को मूल मानदेय में शामिल करना, 60 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय अथवा 4800 ग्रेड पे के समकक्ष वेतनमान देना शामिल है। इसके अलावा पारदर्शी वार्षिक स्थानांतरण नीति लागू करने, पृथक CHO कैडर का गठन करने और नियमितीकरण/स्थायीकरण की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है।

CHO संघ DA और HRA, कैशलेस स्वास्थ्य उपचार, 1 करोड़ रुपये का बीमा कवर, सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त वेटेज अंक और अर्जित अवकाश (EL) जैसी सुविधाओं की भी मांग कर रहा है।

धरने पर बैठे अधिकारियों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी सेवा शर्तों, आर्थिक सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट और स्थायी व्यवस्था किया जाना बेहद जरूरी है।

CHO संघ ने सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द वार्ता और समाधान की अपील की है। वहीं आंदोलन में शामिल अधिकारियों ने एकजुटता के साथ अपनी आवाज शासन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया है।

(रूबी सिंह, संवाददाता, )