चंडीगढ़, 6 अक्टूबर: Southwest Monsoon ने Haryana से लगभग पूरी तरह विदाई ले ली है। Indian Meteorological Centre के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 30 सितंबर तक चार महीने के मानसून सीजन में राज्य में 322.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 430.7 मिलीमीटर था — यानी कुल 25 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।
IMD Centre के निदेशक Surender Paul का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य भर में सूखा मौसम बना रहेगा। हिमालय की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हाल की बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी।
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो Sirsa सबसे शुष्क जिला रहा — वहां 212.3 मिलीमीटर के सामान्य औसत के मुकाबले सिर्फ 96 मिलीमीटर बारिश हुई, यानी 55 प्रतिशत की भारी कमी। Jind में प्रतिशत के लिहाज से सबसे बड़ा घाटा रहा, जहां 394.4 मिलीमीटर की सामान्य आवश्यकता के मुकाबले सिर्फ 169.3 मिलीमीटर बारिश हुई।
सितंबर का महीना राज्य भर में खासतौर पर शुष्क रहा, जिसमें 44 प्रतिशत की मासिक कमी दर्ज हुई। Bhiwani में सबसे तेज गिरावट रही — वहां 47.6 मिलीमीटर के सामान्य औसत के मुकाबले सिर्फ 7.8 मिलीमीटर बारिश हुई, यानी 84 प्रतिशत की कमी। इसके उलट Panchkula में सितंबर में 216.2 मिलीमीटर बारिश के साथ 42 प्रतिशत का अधिशेष दर्ज हुआ। Palwal पूरे सीजन में एकमात्र जिला रहा, जहां कोई मौसमी घाटा नहीं हुआ।
कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसलों पर पड़ता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि धान के इलाकों में सिंचाई से स्थिति संभली रही। अब किसानों की नजर गेहूं की बुवाई पर है, जिसके लिए सही समय पर नमी बहुत जरूरी है।
स्रोत: IMD Centre, Haryana के मानसून आंकड़े

