नई दिल्ली, 15 अक्टूबर: इस बार दिवाली के त्योहारों में एक विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है, इस बार 8 नवंबर को ही मनाई जाएगी — उसी दिन शाम को दिवाली का लक्ष्मी पूजन भी होगा। चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर की दोपहर से शुरू होकर 8 नवंबर की सुबह तक रहेगी, इसलिए अभ्यंग स्नान 8 नवंबर की सुबह सूर्योदय से पहले किया जाएगा।
नरक चतुर्दशी के दिन अभ्यंग स्नान का विशेष महत्व है। परंपरा के अनुसार सूर्योदय से पहले उठकर शरीर पर तेल लगाकर स्नान किया जाता है। दिल्ली में अभ्यंग स्नान का शुभ समय सुबह लगभग 5 बजे से सूर्योदय तक का रहेगा; अपने शहर का सटीक समय स्थानीय पंचांग से अवश्य देख लें। स्नान के समय अपामार्ग (चिचिड़ा) की पत्तियों को सिर पर छुआने की परंपरा है, जिससे पापों के नाश की मान्यता जुड़ी है। स्नान के बाद यम तर्पण किया जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था, इसलिए इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। ध्यान रहे कि काली चौदस 7 नवंबर की रात को मनाई जाएगी। इस बार छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली एक ही दिन पड़ने से पर्व का उत्साह दोगुना माना जा रहा है।
स्रोत: पंचांग / धार्मिक मान्यता

