नई दिल्ली, 15 अक्टूबर: भाई दूज का पर्व इस बार 10 नवंबर को मनाया जाएगा। कुछ क्षेत्रों में यह 11 नवंबर को भी मनाया जाता है, इसलिए स्थानीय परंपरा के अनुसार तिथि तय करें। भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं और भाई बहनों को उपहार देते हैं। इस पर्व के पीछे यम और यमी की पौराणिक कथा जुड़ी है।
कथा के अनुसार यमुना (यमी) ने अपने भाई यमराज को अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित किया था। यमराज ने बहन के आतिथ्य से प्रसन्न होकर वरदान दिया कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर तिलक लगवाएगा और भोजन करेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। तभी से भाई दूज पर भाई का बहन के घर जाना शुभ माना जाता है।
तिलक लगाने का शुभ समय पारंपरिक रूप से अपराह्न काल (दोपहर के बाद) माना जाता है, लेकिन सटीक मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें। तिलक की थाली में रोली, अक्षत, फूल, मिठाई और दीया रखें। बहन भाई के माथे पर तिलक लगाकर आरती उतारे और भाई बहन को उपहार व आशीर्वाद दे। मान्यता है कि इस दिन यमुना में स्नान करने से भी विशेष पुण्य मिलता है।
स्रोत: धार्मिक मान्यता / पंचांग

