मुंबई, 25 अक्टूबर: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का मुंबई दौरा 22 और 23 अक्टूबर को संपन्न हो गया। आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पैनल ने मुंबई में केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों, संस्थानों और यूनियनों से मुलाकात की। यह दौरा वेतन, भत्तों और सेवानिवृत्ति लाभों पर सिफारिशें तैयार करने से पहले हितधारकों की राय जानने की प्रक्रिया का हिस्सा था।
इससे पहले आयोग बेंगलुरु, चेन्नई, चंडीगढ़ और कोलकाता का दौरा कर चुका है। बेंगलुरु में 8 अक्टूबर को सलाहकार बैठक हुई थी। मुंबई दौरे के लिए संगठनों से नियुक्ति के अनुरोध 10 अक्टूबर तक मांगे गए थे, और ज्ञापन जमा करने की ऑनलाइन खिड़की 15 जून 2026 को बंद हो चुकी थी।
कर्मचारी संगठनों की मांगें इस दौरे में भी साफ तौर पर सामने आईं। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ पक्ष ने 3.833 का फिटमेंट फैक्टर और 69,000 रुपये का न्यूनतम बेसिक वेतन प्रस्तावित किया है। इसके अलावा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग भी उठाई गई है, क्योंकि DA 2023 में 46 प्रतिशत से बढ़कर जनवरी 2026 में 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
फिलहाल कोई फिटमेंट फैक्टर, नया पे मैट्रिक्स या लागू होने की तारीख तय नहीं हुई है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और उसे 18 महीने में रिपोर्ट देनी है, यानी रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है। तब तक DA 7वें वेतन आयोग के तहत 60 प्रतिशत पर ही रहेगा, और जुलाई 2026 की किस्त अभी लंबित है, जिसमें 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
स्रोत: 8वें वेतन आयोग की मुंबई यात्रा 22-23 अक्टूबर 2026 से जुड़ी रिपोर्ट्स

