हरिद्वार, 27 अक्टूबर: हरिद्वार पुलिस ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर को रंगदारी और धमकी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें रविवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार करके हरिद्वार लाया गया। रविवार शाम अदालत में पेश करने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
यह मामला हरिद्वार के रानीपुर थाने में दर्ज हुआ है। शिकायत पूर्व ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर की बेटी ने की है। शिकायत के अनुसार सनावर ने सोशल मीडिया पर उनके बारे में अश्लील और मानहानिकारक टिप्पणियां कीं, जिससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने 24 अक्टूबर को लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सनावर ने रविदास धाम से जुड़ी संपत्ति अपने नाम कराने की मांग की। जब यह मांग पूरी नहीं हुई तो कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की मांग की गई और परिवार के सदस्यों को जान से मारने तथा उनकी तस्वीरें ऑनलाइन प्रसारित करने की धमकी दी गई। यह भी आरोप है कि व्हाट्सऐप कॉल के दौरान धमकी और मांग की गई। ये सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित होना बाकी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महिलाओं का अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1986 के तहत मामला दर्ज किया है। हरिद्वार के नगर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता ने 24 अक्टूबर को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी और परिवार को धमकी देने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने बताया कि संपत्ति की मांग और मांग पूरी न होने पर पांच करोड़ रुपये मांगे जाने का भी आरोप है।
गिरफ्तारी हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर की गई। रानीपुर पुलिस की टीम सहारनपुर पहुंची और सनावर को उनके घर से गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें हरिद्वार लाकर रविवार शाम अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन की जांच कर रही है, जिससे सोशल मीडिया पोस्ट, कॉल और संदेशों से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकेंगे।
इस मामले ने हरिद्वार में चर्चा पैदा कर दी है क्योंकि इसमें एक अभिनेत्री, एक पूर्व विधायक का परिवार और धार्मिक स्थल से जुड़ी संपत्ति का विवाद एक साथ जुड़ गया है। सोशल मीडिया पर मानहानि और धमकी के मामले अक्सर दोनों पक्षों के दावों और जवाबी दावों में उलझ जाते हैं, इसलिए पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही ही तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। तब तक सनावर न्यायिक हिरासत में रहेंगी और जांच आगे बढ़ेगी।
आम लोगों के लिए इस मामले से एक सबक भी है कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी या व्हाट्सऐप पर दी गई धमकी भी गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है। डिजिटल साक्ष्य अब जांच का अहम हिस्सा बन चुके हैं और मोबाइल फोन की जांच से कई मामलों की दिशा तय हो जाती है।
स्रोत: Indian White Paper की 26 अक्टूबर 2026 की खबर

