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आज की कैबिनेट बैठक पर केंद्रीय कर्मचारियों की नजर: क्या 3% डीए बढ़ोतरी का होगा ऐलान?

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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर आज होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक पर टिकी है। जुलाई 2026 से लागू होने वाली महंगाई भत्ते (DA) की किस्त का ऐलान अब तक नहीं हुआ है, और पिछली दो कैबिनेट बैठकों में भी इस पर कोई घोषणा नहीं की गई थी। ऐसे में कर्मचारी यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि क्या आज की बैठक में उनके इंतजार का अंत होगा या उन्हें अभी और प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।

मीडिया रिपोर्टों और महंगाई के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इस बार महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकता है। यह बात साफ तौर पर समझ लेनी चाहिए कि यह अभी केवल अनुमान है, घोषणा नहीं। अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक अधिसूचना से ही स्पष्ट होगा, और उसी के बाद नई दर लागू मानी जाएगी।

पृष्ठभूमि यह है कि केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हुई थी। उस फैसले के बाद महंगाई भत्ते की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई थी। अब कर्मचारियों को जुलाई से लागू होने वाली अगली किस्त का इंतजार है, जो जुलाई 2025 से जून 2026 तक की अवधि के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) आंकड़ों पर आधारित मानी जा रही है।

अगर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी मंजूर होती है, तो इसका सीधा असर हर महीने की सैलरी पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, 18,000 रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 60 प्रतिशत की दर से 10,800 रुपये महंगाई भत्ता मिलता है, जबकि 63 प्रतिशत की दर से यह राशि 11,340 रुपये हो जाएगी, यानी हर महीने 540 रुपये की बढ़ोतरी। इसी तरह 25,500 रुपये मूल वेतन पर 765 रुपये, 35,400 रुपये पर 1,062 रुपये और 56,100 रुपये पर 1,683 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त राशि बनती है। ये सभी गणनाएं उदाहरण के तौर पर दी गई हैं, वास्तविक लाभ मूल वेतन और घोषित दर पर निर्भर करेगा।

एक और अहम सवाल एरियर का है। अगर जुलाई 2026 की किस्त को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मंजूरी दी जाती है, तो कर्मचारियों को लागू शर्तों के अनुसार बकाया राशि मिलने की संभावना हो सकती है। लेकिन एरियर की पात्रता, भुगतान का समय और अन्य शर्तें आधिकारिक आदेश पर ही निर्भर करेंगी। इसलिए कर्मचारियों को एरियर की किसी भी तारीख या राशि के दावे पर भरोसा करने से पहले वित्त मंत्रालय के आदेश का इंतजार करना चाहिए।

कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल कैबिनेट के आधिकारिक फैसले, वित्त मंत्रालय के आदेश और लागू होने की तारीख पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बढ़ोतरी के दावों को तब तक पक्का न मानें, जब तक सरकारी अधिसूचना सामने न आ जाए। आज की बैठक का नतीजा जो भी हो, वह लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की जेब पर सीधा असर डालेगा।

स्रोत: 28 अक्टूबर 2026 की कैबिनेट बैठक और डीए अनुमानों पर मीडिया रिपोर्टें