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Moradabad News-बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियम सिखाए

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मयंक त्रिगुण, वरिष्ठ संवाददाता

Moradabad News-मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश): थाना सिविल लाइंस क्षेत्र की पुलिस लाइन में सोमवार को ‘यातायात माह – नवंबर’ के तहत एक खास यातायात जागरूकता कार्यक्रम और रैली का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि डीआईजी मुरादाबाद मुनीराज  ने बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियम सिखाए और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने का मैसेज दिया। पूरा माहौल उत्साह से भर गया और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

छात्रों के लिए विशेष ‘यातायात पाठशाला’

डीआईजी मुनीराज जी ने खुद बच्चों के साथ एक मजेदार इंटरैक्टिव ‘यातायात पाठशाला’ चलाई। उन्होंने रोचक तरीके से सवाल पूछे, जैसे “आप में से कितने बच्चे वाहन चलाते हैं? और क्या आप यातायात नियमों का पालन करते हैं?” उनके सवालों से हॉल में हंसी और उत्साह की लहर दौड़ गई। बच्चे जोश में आकर जवाब देने लगे और सड़क सुरक्षा के बारे में अपने विचार शेयर करने लगे। ये सेशन इतना इंगेजिंग था कि हर बच्चा ध्यान से सुन रहा था।

सड़क सुरक्षा: जिम्मेदारी और अनुशासन

डीआईजी मुनीराज ने समझाया कि सड़क पर अनुशासन और नियमों का पालन सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा, “हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल कभी न भूलें – यही समझदारी की निशानी है।” बच्चों से अपील की कि घर जाकर मम्मी-पापा, भाई-बहन और दोस्तों को भी ये नियम सिखाएं और सबको प्रेरित करें। उनका ये मैसेज सीधा दिल तक पहुंचा और बच्चे वादा करते नजर आए।

पोस्टर, नारे और रैली से गूंजी पुलिस लाइन

कार्यक्रम का क्लाइमेक्स रहा भव्य रैली। पुलिस लाइन से निकली ये रैली में ढेर सारे स्कूली बच्चे, पुलिसवाले और अधिकारी शामिल हुए। बच्चों के हाथों में पोस्टर, बैनर और स्लोगन थे, जिनसे वे शहरवालों से सड़क सुरक्षा अपनाने की गुहार लगा रहे थे। रैली में नारे गूंज रहे थे – “हेलमेट पहने, सीट बेल्ट लगाए – जीवन सुरक्षित बनाए!” “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षक!” सबने मिलकर शपथ ली कि हमेशा यातायात नियम मानेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए कहेंगे। पूरी पुलिस लाइन नारों से गूंज उठी।

डीआईजी मुनीराज बोले — “सुरक्षित चलें, समझदारी से चलें”

अपने संबोधन में डीआईजी मुनीराज जी ने कहा कि ऐसे प्रोग्राम समाज में अनुशासन और सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं। सड़क पर जिम्मेदारी से चलना ही एक जागरूक नागरिक की असली पहचान है। उनके शब्दों ने सबको इंस्पायर किया और प्रोग्राम को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य

इस पूरे आयोजन का मकसद था युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, एक्सीडेंट कम करना और सुरक्षित ड्राइविंग की कल्चर को बढ़ावा देना। नवंबर का यातायात माह इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हर साल हादसों को रोकने में मदद करता है।

उपस्थित लोग

इस मौके पर यातायात विभाग के अधिकारी, पुलिसकर्मी और कई स्कूलों के बच्चे-बच्चियां मौजूद रहे। पूरा इवेंट उत्साह, डिसिप्लिन और अवेयरनेस से भरा हुआ था। बच्चों की मुस्कान और पुलिस की मेहनत ने सबका दिल जीत लिया।