मुरादाबाद मैनाठेर कांड: तत्कालीन DIG पर कातिलाना हमले में 16 दोषियों को उम्रकैद, 55-55 हजार का जुर्माना

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मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ 

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बहुचर्चित ‘मैनाठेर कांड’ (Mainather Case) में अदालत ने अपना अहम फैसला सुना दिया है। वर्ष 2011 में तत्कालीन डीआईजी (DIG) अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमले, बवाल और पुलिस की गाड़ी फूंकने के मामले में एडीजे-2 (ADJ-2) कोर्ट ने सभी 16 दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

शनिवार को इस हाई-प्रोफाइल मामले में सजा के ऐलान के मद्देनजर कचहरी परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे।

कचहरी परिसर बनी रही छावनी, भारी पुलिस बल रहा तैनात

इस संवेदनशील फैसले को लेकर शनिवार को मुरादाबाद अदालत परिसर में खासी भीड़भाड़ रही। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के नेतृत्व में सीओ, सिविल लाइंस थाना प्रभारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल और आरएएफ (RAF) के जवानों को तैनात किया गया था।

क्या था पूरा मामला? (6 जुलाई, 2011 की घटना)

यह सनसनीखेज घटना बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शासनकाल के दौरान 6 जुलाई 2011 को हुई थी।

  • मैनाठेर थाने के असालतनगर बघा इलाके में पुलिस एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने गई थी।
  • इसी दौरान स्थानीय भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया और संभल रोड पर भारी हंगामा व जाम लगा दिया।
  • स्थिति को संभालने के लिए तत्कालीन डीएम राजशेखर और डीआईजी अशोक कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
  • लोगों को समझाने के प्रयास के दौरान बेकाबू और उग्र भीड़ ने डीआईजी को ही घेर लिया और उन पर हमला कर दिया।
  • भीड़ की तरफ से चली एक गोली डीआईजी अशोक कुमार सिंह को लगी। जान बचाने के लिए वह पास के एक पेट्रोल पंप में घुसे, लेकिन उपद्रवियों ने वहां भी जमकर तोड़फोड़ की।
  • इस भीषण बवाल में भीड़ ने पीएसी (PAC) के एक वाहन को भी आग के हवाले कर दिया था और डीआईजी की सर्विस रिवॉल्वर भी लूट ली थी।

इस गंभीर मामले में 25 लोगों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, जानलेवा हमला करने और लूटपाट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की गई थी।

23 मार्च को ठहराया गया था दोषी

बीते 23 मार्च (सोमवार) को मुरादाबाद की एडीजे-2 कोर्ट के न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने सुनवाई पूरी करते हुए इन 16 आरोपियों को दोषी करार दिया था।

  • फैसले वाले दिन ही 14 दोषियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर तत्काल जेल भेज दिया था।
  • जबकि फरार चल रहे अन्य 2 दोषियों को पुलिस ने अगले दिन गिरफ्तार कर जेल भेजा।
  • शनिवार को अदालत ने इन सभी 16 दोषियों को लूटपाट, आगजनी और जानलेवा हमले की धाराओं में उम्रकैद की सजा और जुर्माने का अंतिम फैसला सुनाया।