Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में जल्द ही किसी बड़े वीवीआईपी का आगमन हो सकता है। इस प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है और तैयारियां जोरों पर हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों के मद्देनजर एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई। इस अहम बैठक में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सतपाल अंतिल ने सभी संबंधित विभागों के आला अधिकारियों के साथ गहन मंथन किया। Moradabad News से जुड़ी इस ताजा हलचल ने जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में सरगर्मी बढ़ा दी है।
असल में, जब भी किसी बड़े राजनेता या वीवीआईपी का दौरा प्रस्तावित होता है, तो सुरक्षा से लेकर व्यवस्था तक हर मोर्चे पर खास मुस्तैदी जरूरी हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीएम और एसएसपी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोई कोताही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुरुआती दो घंटों तक चली इस बैठक में एक-एक बिंदु पर बारीकी से रणनीति तैयार की गई।
Moradabad News: सुरक्षा प्रबंधों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का लिया गया बारीकी से जायजा
वीवीआईपी आगमन से जुड़ी व्यवस्थाएं कभी भी आसान नहीं होतीं। इसमें पुलिस और प्रशासनिक अमले को आपसी समन्वय के साथ काम करना पड़ता है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान ने वीवीआईपी के आगमन, उनके ठहरने की व्यवस्था, रूट प्लान और कार्यक्रम स्थल के इंतजामों का बारीकी से रिव्यू किया। पुलिस महकमे को सुरक्षा प्रबंधों को पूरी तरह से चाक-चौबंद रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, ऐसे वीवीआईपी दौरों में रूट डायवर्जन, पार्किंग, फ्लीट की व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और हेलीपैड की सुरक्षा सबसे अहम मानी जाती है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा का एक फुल-प्रूफ खाका तैयार करने को कहा है ताकि परिंदा भी पर न मार सके। बताया जा रहा है कि स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को भी पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है।
विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की भी हुई सघन समीक्षा
वीवीआईपी दौरों के दौरान अक्सर जिले के विकास कार्यों का जायजा लिया जाता है या फिर किसी नई परियोजना का शिलान्यास या लोकार्पण किया जाता है। इसी बात को भांपते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से विकास परियोजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली जो भी योजनाएं हैं, उनका लाभ हर हाल में सही और पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। कागजी कार्रवाई से परे जमीनी स्तर पर काम नजर आना चाहिए।
अधिकारियों को सख्त हिदायत, लापरवाही की तो होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक के दौरान दोनों शीर्ष अधिकारियों के तेवर काफी सख्त नजर आए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से आम जनमानस तक पहुंचाना उनकी पहली जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जिले में चल रही किसी भी विकास परियोजना, निर्माण कार्य या जनहित से जुड़ी योजना में किसी भी तरह की हीलाहवाली, भ्रष्टाचार या लेटलतीफी पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कुल मिलाकर, मुरादाबाद का प्रशासनिक अमला इस आगामी वीवीआईपी दौरे को लेकर किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में कतई नहीं है। आने वाले कुछ दिनों में जिले की सड़कों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक प्रशासनिक सक्रियता और भी ज्यादा देखने को मिल सकती है। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि वीवीआईपी के आगमन से पहले जिले की तस्वीर एकदम दुरुस्त नजर आए और किसी भी तरह की कोई प्रशासनिक चूक सामने न आए।