मुरादाबाद में 365 करोड़ की सौगात देकर अखिलेश पर बरसे CM योगी, हरिहर मंदिर पर कह दी बड़ी बात…

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मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एक बार फिर अपने आक्रामक और बेबाक अंदाज में नजर आए। मौका था मुरादाबाद में 365 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण का, जहां CM Yogi Moradabad की जनता को संबोधित कर रहे थे। पीतल नगरी के मंच से मुख्यमंत्री ने एक तरफ विकास कार्यों का पिटारा खोला, तो दूसरी तरफ कुंदरकी उपचुनाव और संभल के हरिहर मंदिर का मुद्दा उठाकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखे सियासी तीर छोड़े। उन्होंने अपने संबोधन में साफ कर दिया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता सुशासन है, जबकि विपक्ष केवल अपने परिवार के विकास तक सीमित है।

असल में, मुख्यमंत्री का यह दौरा सिर्फ परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं था। उन्होंने मंच से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को पूरी तरह से परिवारवादी करार दिया। योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों के पास विकास का कोई विजन ही नहीं है; उनके लिए विकास का मतलब सिर्फ अपना और अपने करीबियों का हित साधना है। इसके उलट, भाजपा सरकार यूपी के 25 करोड़ लोगों को अपना परिवार मानकर उनके उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है। बताया जा रहा है कि मुरादाबाद नगर, देहात और कुंदरकी की जिन दर्जनों परियोजनाओं का आज उद्घाटन हुआ, वे इस पूरे इलाके की सूरत बदलने में मील का पत्थर साबित होंगी।

कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र और CM Yogi Moradabad का रामराज वाला बयान

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुए कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव के नतीजों को जनता का बेहद स्पष्ट और कड़ा जनादेश बताया। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि कुंदरकी की जनता ने यह साबित कर दिया है कि अब इस क्षेत्र में ‘बाबर का राज नहीं, बल्कि रामराज चलेगा।’

सियासी जानकारों की मानें तो योगी का यह बयान उस विध्वंसक सोच पर सीधा प्रहार था, जो अक्सर प्रदेश के विकास और शांति में रोड़ा अटकाने का काम करती है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जो राष्ट्रवाद की सोच रखता है, वह हमारा अपना है। लेकिन, जिनकी सोच समाज को तोड़ने और विध्वंस करने की है, उनका हश्र भी त्रेता युग के राक्षस मारीच और सुबाहु जैसा ही होना तय है। मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि अगर मुरादाबाद देहात में भी डबल इंजन सरकार का अपना विधायक होता, तो क्षेत्र में विकास की यह रफ्तार आज और भी तेज होती।

500 साल पहले संभल के हरिहर मंदिर के साथ हुए अन्याय की याद

मुख्यमंत्री ने सिर्फ कुंदरकी ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले संभल के बहुचर्चित हरिहर मंदिर का भी विशेष तौर पर उल्लेख किया। इतिहास के पन्ने पलटते हुए उन्होंने कहा कि करीब 500 साल पहले बाबर के शासनकाल में हरिहर मंदिर के साथ घोर अन्याय हुआ था।

योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि अगर उस दौर में हमारा समाज एकजुट और अपने सांस्कृतिक अधिकारों के प्रति जागरूक होता, तो किसी भी विदेशी आक्रांता में हमारी आस्था के केंद्रों और मंदिर के अस्तित्व से खिलवाड़ करने की हिम्मत बिल्कुल नहीं होती। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज भी कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियां वोटबैंक के लिए उसी पुरानी विभाजनकारी मानसिकता को खाद-पानी देने का काम कर रही हैं।

2017 से पहले का खौफ: ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’

कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पिछली सरकारों को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति बद से बदतर थी। उस खौफनाक दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि तब प्रदेश में एक ही कहावत सबसे ज्यादा गूंजती थी- ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’। यह केवल एक सियासी जुमला नहीं था, बल्कि उस वक्त के असुरक्षित माहौल और ध्वस्त कानून-व्यवस्था की जमीनी सच्चाई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अपराधी और माफिया खुलेआम सत्ता के संरक्षण में घूमते थे, व्यापारी खौफ के साये में जीते थे और बेटियां खुद को बेहद असुरक्षित महसूस करती थीं। अन्नदाता किसान बदहाल था और युवाओं के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ हो रहा था। लेकिन, आज हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और राज्य की डबल इंजन सरकार की सख्त नीतियों ने यूपी में असल मायने में कानून का राज स्थापित किया है।

कुल मिलाकर, मुरादाबाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास के साथ-साथ अपने कोर हिंदुत्व के एजेंडे को धार देकर आगामी सियासी लड़ाइयों के लिए एक बड़ा संदेश दे दिया है। आज उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और भारी-भरकम निवेश की एक नई पहचान बनकर देश के सामने उभर रहा है, जहां बेटियां बेखौफ हैं और व्यापारी सुरक्षित माहौल में अपना कारोबार कर रहे हैं।