नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: दीपावली 8 नवंबर 2026 को है और दीयों की रोशनी इस पर्व की आत्मा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार दीपक जलाने की दिशा, संख्या और तेल का भी विशेष महत्व होता है। ज्योतिषीय परंपरा में माना जाता है कि अपनी राशि के अनुसार दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मां लक्ष्मी का वास होता है।
12 राशियों के लिए दीपक नियम: मेष, सिंह, धनु (अग्नि तत्व): पूर्व दिशा में सरसों के तेल के 5 दीपक जलाएं। वृषभ, कन्या, मकर (पृथ्वी तत्व): दक्षिण दिशा में तिल के तेल के 7 दीपक शुभ माने गए हैं। मिथुन, तुला, कुंभ (वायु तत्व): पश्चिम दिशा में घी के 5 दीपक जलाएं। कर्क, वृश्चिक, मीन (जल तत्व): उत्तर दिशा में सरसों के तेल के 11 दीपक जलाने की परंपरा है।
परंपरा के अनुसार मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाना सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि मान्यता है कि मां लक्ष्मी दीयों की रोशनी देखकर ही घर में प्रवेश करती हैं। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में घी का अखंड दीपक जलाना विशेष शुभ माना जाता है। तुलसी के पास और रसोई में भी दीपक जलाने की परंपरा है।
ध्यान रहे कि दीपक हमेशा साफ स्थान पर, सीधी बाती के साथ जलाएं और बुझाने के लिए फूंक न मारें — परंपरा में दीये को फूल या हाथ से बुझाने की मनाही है।
स्रोत: ज्योतिषीय मान्यता और लोक परंपरा

