नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: दीपावली 2026 इस बार 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। अमावस्या की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है। लेकिन दिवाली सिर्फ एक दिन का पर्व नहीं — यह पांच दिनों का उत्सव है। जानिए पूरा फेस्टिवल कैलेंडर।
6 नवंबर — धनतेरस: भगवान धन्वंतरि की पूजा और शुभ खरीदारी का दिन। 7 नवंबर — छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी): मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था; सुबह तेल-मालिश के बाद स्नान की परंपरा है। 8 नवंबर — दीपावली: अमावस्या की रात लक्ष्मी-गणेश पूजन, घर-दुकान में दीप जलाए जाते हैं। 9 नवंबर — गोवर्धन पूजा: भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा से जुड़ा दिन; अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। 10 नवंबर — भाई दूज: भाई-बहन के प्रेम का पर्व; बहनें भाइयों को तिलक लगाकर लंबी उम्र की कामना करती हैं।
लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है। पूजा में कमल का फूल, कौड़ी और श्रीयंत्र रखने की परंपरा है। दीपावली की रात घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाना मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक माना जाता है।
दीपावली से पहले घरों की सफाई और रंग-रोगन की परंपरा है — मान्यता है कि साफ-सुथरे और सजे-धजे घर में ही मां लक्ष्मी का वास होता है। दुकानदार भी अपने प्रतिष्ठानों को दीपों और बंदनवार से सजाते हैं। पांचों दिन घर में दीप जलाने से अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश मिलता है।
स्रोत: पंचांग और धार्मिक मान्यता

