मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
मुरादाबाद: महानगर में फर्जी फर्मों (Shell Companies) और जाली बिलिंग के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर क्राइम टीम ने इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि यह रैकेट न केवल फर्जी कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी कर रहा था, बल्कि कुछ अधिकारियों से सांठगांठ कर अपने काले कारोबार को सफेद बनाने का खेल भी खेल रहा था।
मास्टरमाइंड ‘मुर्रा प्रधान’ गिरफ्तार, 2024 से चल रहा था खेल
राज्य कर विभाग (State Tax Department) की शिकायत पर शुरू हुई इस जांच में साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के मुख्य आरोपी भगवान सिंह उर्फ मुर्रा प्रधान को धर दबोचा।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह साल 2024 से स्क्रैप और अन्य व्यापारिक फर्मों के नाम पर फर्जी बिलिंग का एक बड़ा सिंडिकेट चला रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी भगवान सिंह और उसके नेटवर्क पर पहले से ही कई जिलों में धोखाधड़ी, जालसाजी और आर्थिक अपराध के गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
कैसे काम करता था यह जाली बिलिंग सिंडिकेट?
इस गिरोह का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिराना था। यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था:
- दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों के भोले-भाले व्यापारियों के दस्तावेज जुटाकर उनके नाम पर फर्जी फर्में बनाई जाती थीं।
- बिना माल के ई-वे बिल: इन फर्मों के जरिए बिना माल की वास्तविक ढुलाई किए ही ई-वे बिल (E-way Bill), बिल्टी और GST नंबर का इस्तेमाल कर करोड़ों का फर्जी लेनदेन कागजों पर दिखाया जाता था।
- अधिकारियों से कथित सांठगांठ: सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि आरोपी कथित तौर पर कुछ अधिकारियों से संपर्क कर गाड़ियों को पास करा लेता था, ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके और इस जाली ट्रांजेक्शन को असली साबित किया जा सके।
- एक ही बिल्टी का बार-बार इस्तेमाल: कई मामलों में टैक्स चोरी के लिए एक ही वाहन और बिल्टी नंबर का बार-बार उपयोग किया गया।
33 से ज्यादा फर्जी फर्मों का खुलासा
जांच में अब तक 33 से अधिक फर्जी फर्मों का पर्दाफाश हो चुका है, जिनमें मुंबई और हरियाणा समेत अन्य राज्यों के पते व दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। इनमें ‘MAAJHI ENTERPRISES’ और ‘SHRI BABA TRADERS’ जैसी फर्मों का इस्तेमाल मुख्य रूप से जाली बिलिंग के लिए किया जा रहा था।
लैपटॉप और फोन उगलेंगे राज
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है। इन डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। माना जा रहा है कि इनमें फर्जी बिलिंग, बैंकिंग लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े कई और सफेदपोशों के नाम सामने आ सकते हैं।
क्या कहती है पुलिस? एसपी क्राइम सुभाष चंद गंगवार ने इस सफलता पर कहा कि यह कार्रवाई एक बड़े संगठित GST चोरी रैकेट पर गहरी चोट है। पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों और इस पूरे खेल में कथित रूप से मिलीभगत करने वाले लोगों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।