मुरादाबाद (बुद्धि विहार)। मुरादाबाद जनपद में यातायात नियमों की अनदेखी और भारी वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार का दिन दाऊ दयाल खन्ना नगर स्थित चाऊ की बस्ती (तारों वाली ज्यारत) निवासी 65 वर्षीय गीताराम देवलाल के लिए जीवन का अंतिम दिन साबित हुआ। प्रतिदिन की भांति वह अपने सात वर्षीय पोते कियांश और 10 वर्षीय पोती आराध्या को विद्यालय से लेकर घर लौट रहे थे, तभी विपरीत दिशा से काल बनकर आए एक भारी वाहन ने उनके दोपहिया वाहन (मोटरसाइकिल) में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल दादा ने देर रात उपचार के दौरान चिकित्सालय में दम तोड़ दिया।
विपरीत दिशा से आ रहे अतिभारित वाहन ने मारी टक्कर प्राप्त जानकारी के अनुसार, गीताराम देवलाल बुधवार दोपहर रोज की तरह दोनों बच्चों को विद्यालय से लेने के लिए घर से निकले थे। बच्चों को लेकर जैसे ही वह बुद्धि विहार आवास विकास स्थित सेंट मेरी विद्यालय के समीप गोल चक्कर पर पहुंचे, तभी सामने से पूरी तरह गलत दिशा (विपरीत दिशा) में आ रहे बजरी से लदे एक अतिभारित (क्षमता से अधिक भरे) कृषि वाहन ने उनके दोपहिया वाहन को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
चीख-पुकार से दहला इलाका, पोता भी गंभीर रूप से घायल यह टक्कर इतनी भीषण थी कि दोपहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में गीताराम और मासूम कियांश गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जबकि सड़क पर गिरने के कारण 10 वर्षीय आराध्या के हाथ और पैर में भी काफी चोटें आईं। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी भीड़ एकत्रित हो गई।
चिकित्सालय में तोड़ा दम, परिवार में पसरा मातम स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल तीनों घायलों को चिड़ियाटोला स्थित वर्धमान चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती कराया। चिकित्सकों ने गीताराम को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, परंतु देर रात उपचार के दौरान उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। मासूम बच्चों के सामने उनके दादा की इस दर्दनाक मौत से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों में बेलगाम और गलत दिशा में दौड़ते इन भारी वाहनों के खिलाफ गहरा जन-आक्रोश व्याप्त है।