मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
सब-हेडलाइन: सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ‘चक्कर की मिलक’ में बेखौफ अपराधियों ने दिया खौफनाक वारदात को अंजाम। खिड़की से झांकने पर पड़ोसियों के उड़े होश; एसएसपी ने खुलासे के लिए लगाईं क्राइम ब्रांच और स्वाट सहित 5 टीमें।
मुरादाबाद/क्राइम डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में बेखौफ बदमाशों ने पुलिस के इकबाल को खुली चुनौती देते हुए एक खौफनाक दोहरे हत्याकांड (Double Murder) को अंजाम दिया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के घनी आबादी वाले इलाके ‘चक्कर की मिलक’ में नाले के पास स्थित एक बंद मकान के भीतर पति-पत्नी की रक्तरंजित लाशें मिलने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इस निर्मम हत्याकांड के पीछे जो वजह सामने आ रही है, उसने समाज और मानवीय रिश्तों की सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खिड़की से अंदर झांका तो उड़ गए होश
वारदात का खुलासा उस वक्त हुआ जब पड़ोसियों ने देखा कि मकान का दरवाजा काफी देर से बंद है और अंदर से कोई आहट नहीं आ रही है। किसी अनहोनी की आशंका के चलते जब कुछ लोगों ने खिड़की से अंदर झांकने की कोशिश की, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई। कमरे के भीतर दंपति की लाशें जमीन पर पड़ी थीं और पूरा फर्श खून से लाल हो चुका था।
महज ₹24,000 का ‘खूनी हिसाब’
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आ रही है कि मृतक का अपने ही किसी परिचित के साथ महज 24,000 रुपये की उधारी को लेकर विवाद चल रहा था। यह लेनदेन का विवाद पिछले कुछ दिनों से काफी गरमा गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी मामूली रकम के विवाद ने इतनी बड़ी आग पकड़ी कि कातिलों ने पूरे परिवार को ही खत्म करने का खौफनाक फैसला ले लिया।
संघर्ष की गवाही दे रहा था कमरा
कमरे के हालात चीख-चीख कर गवाही दे रहे थे कि मरने से पहले दंपति ने खुद को बचाने के लिए कातिलों से काफी संघर्ष किया था। यह जांच का विषय है कि हत्यारे घर में किसी बहाने से दाखिल हुए थे या फिर उन्होंने जबरन घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम का एक्शन
डबल मर्डर की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल और पीएसी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की घेराबंदी कर ली है।
- 5 टीमें गठित: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने जिले की क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और स्वाट टीम को एक्टिव कर दिया है। कातिलों की धरपकड़ के लिए 5 अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।
- साक्ष्य संकलन: फॉरेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट्स, जूतों के निशान और संघर्ष के दौरान गिरे हुए अहम साक्ष्य जुटाए हैं।
- CCTV और कॉल डिटेल्स: पुलिस संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है। इसके साथ ही मोहल्ले के मुख्य रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी कब्जे में लिया गया है ताकि आरोपियों के हुलिए का पता लगाया जा सके।
इस खौफनाक हत्याकांड के बाद ‘चक्कर की मिलक’ और आसपास के क्षेत्रों में भारी दहशत है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।