मयंक त्रिगुण, वरिष्ठ संवाददाता
लखनऊ/नई दिल्ली: इन दिनों उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में चुनाव आयोग की खास मुहीम चल रही है जिसका नाम है SIR (Special Intensive Revision). जैसे ही लोगों को इसके बारे में पता चला, सोशल मीडिया से लेकर गली-मोहल्ले तक एक ही चर्चा है – “कहीं मेरा नाम वोटर लिस्ट से कट तो नहीं जाएगा?” “अगर फॉर्म नहीं भरा तो नागरिकता चली जाएगी क्या?” “देश से निकाल देंगे क्या?” ढेर सारे सवाल, ढेर सारी अफवाहें और ढेर सारी टेंशन! लेकिन रुकिए… पहले सांस लीजिए। हम आपको सारी सच्चाई बिल्कुल साफ-साफ बताने जा रहे हैं।
SIR का नागरिकता से कोई लेना-देना नहीं, सिर्फ वोटर लिस्ट साफ करने की मुहीम है
सबसे बड़ा और सबसे जरूरी सवाल – अगर SIR के दौरान मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिला तो क्या मैं भारतीय नागरिक नहीं रहूंगा? बिल्कुल नहीं! चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि SIR का नागरिकता, NRC, CAA या डिटेंशन कैंप से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं है। ये सिर्फ और सिर्फ वोटर लिस्ट को चमकाने, साफ-सुथरा करने और फर्जीवाड़ा रोकने की प्रक्रिया है। मर चुके लोगों के नाम हटेंगे, एक ही आदमी के दो-तीन जगह नाम होंगे वो हटेंगे, जो कहीं और हमेशा के लिए शिफ्ट हो गए हैं उनका नाम वहां से हटेगा – बस इतना सा काम है। तो चैन की सांस लीजिए, आपकी नागरिकता पर कोई खतरा नहीं है!
घर बैठे ऑनलाइन भर सकते हैं SIR फॉर्म, लेकिन एक शर्त है
अब सवाल ये कि फॉर्म कैसे भरें? ज्यादातर जगहों पर BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर फॉर्म भरवा रहे हैं। लेकिन अगर आपके पास BLO नहीं पहुंच पाया तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप खुद ऑनलाइन भर सकते हैं। कैसे? बहुत आसान है – बस voters.eci.gov.in पर जाएं। लेकिन ध्यान रहे, ऑनलाइन फॉर्म तभी खुलेगा जब आपका मोबाइल नंबर पहले से आपके वोटर ID (EPIC) से लिंक हो। अगर नंबर लिंक नहीं है तो सिस्टम आपको लॉगिन ही नहीं करने देगा। ऐसे में आपको BLO का इंतजार करना पड़ेगा या उनके पास जाकर ऑफलाइन फॉर्म भरवाना पड़ेगा।
नया वोटर ID बनवाना है तो 18 साल पूरा होना जरूरी है और भारतीय नागरिक होना जरूरी है। आधार कार्ड पहचान के लिए चलेगा, एड्रेस प्रूफ के लिए बिजली-पानी का बिल, राशन कार्ड, बैंक पासबुक कोई भी मान्य दस्तावेज चलेगा।
10 अंकों वाला EPIC नंबर अब और भी ताकतवर
SIR को अनिवार्य इसलिए बनाया गया है ताकि वोटर लिस्ट 100% साफ-सुथरी हो जाए और फर्जी वोटिंग पर पूरी तरह रोक लगे। अब एक व्यक्ति सिर्फ एक ही जगह वोटर बन सकेगा। पहले क्या होता था? लोग दो-तीन शहरों में नाम डलवाकर मौज करते थे। अब वो दिन लद गए। आपका वोटर ID कार्ड में जो 10 अंकों का यूनिक नंबर (EPIC नंबर) होता है, वो सिर्फ वोट डालने के लिए नहीं, कई सरकारी स्कीम्स, बैंक काम, सिम कार्ड – हर जगह पहचान पत्र की तरह काम आता है। इसलिए इस नंबर को संभाल कर रखिए।
अंत में सबसे जरूरी बात – नाम नहीं कटेगा अगर आपके कागजात सही हैं
चुनाव आयोग बार-बार कह रहा है – अगर आपके सभी दस्तावेज सही हैं, आप सचमुच उसी जगह रहते हैं और जिंदा हैं (हंसते-हंसते), तो आपका नाम कतई नहीं कटेगा। SIR का मकसद सिर्फ लिस्ट को अपडेट करना है, किसी को परेशान करना नहीं। इसलिए अफवाहों पर ध्यान मत दीजिए, फॉर्म भर दीजिए और निश्चिंत हो जाइए।
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लेखक के बारे में
असिस्टेंट एडिटर
मयंक त्रिगुण Jagruk Youth News में असिस्टेंट एडिटर हैं। इनके पास इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। राजनीति, समसामयिक मामलों, न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर लिखने में उनकी गहरी रुचि है। मुरादाबाद के टीएमयू (TMU University) से MJMC (MA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद से वह छह साल से अधिक समय से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

