यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी: प्रीपेड स्मार्ट मीटर का सिस्टम हुआ खत्म!

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लखनऊ/यूटिलिटी डेस्क: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने ‘स्मार्ट प्रीपेड मीटर’ (Smart Prepaid Meter) व्यवस्था को लेकर आ रही लगातार शिकायतों के बाद बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रीपेड व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से खत्म करने का आदेश दिया है। अब राज्य के सभी स्मार्ट मीटर ‘पोस्टपेड मोड’ (Postpaid Mode) में काम करेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार अपना मीटर रिचार्ज करने के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा की गई इस घोषणा के बाद, अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही हर महीने बिजली का बिल उपलब्ध कराया जाएगा।

कैसे काम करेगी नई बिलिंग व्यवस्था?

सरकार ने बिलिंग प्रक्रिया को अत्यधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए हैं:

  • बिल जनरेशन: हर महीने की 10 तारीख तक उपभोक्ताओं का बिजली बिल जनरेट कर जारी कर दिया जाएगा।
  • भुगतान का समय: बिल भरने के लिए उपभोक्ताओं को पूरे 15 दिन का समय दिया जाएगा।
  • डिस्कनेक्शन अवधि: 15 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद भी 7 दिन का ‘डिस्कनेक्शन ग्रेस पीरियड’ मिलेगा।
  • मैनुअल रीडिंग: जहां नेटवर्क या तकनीकी दिक्कतों के कारण स्मार्ट मीटर से ऑटोमैटिक रीडिंग संभव नहीं होगी, वहां एजेंसियों द्वारा मैनुअल रीडिंग ली जाएगी।

पुराने बकाये पर बड़ी राहत: मिलेंगी 10 आसान किस्तें

जिन घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 अप्रैल 2026 तक का बिजली बिल बकाया है, सरकार ने उन्हें भी बड़ी राहत दी है।

  • घरेलू उपभोक्ता अपना पुराना बकाया 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे।
  • अन्य श्रेणियों (कमर्शियल आदि) के उपभोक्ताओं के लिए बकाये को 40%, 30% और 30% के अनुपात में तीन किस्तों में चुकाने की व्यवस्था की गई है।
  • वहीं, प्रीपेड सिस्टम में पहले जमा की गई सुरक्षा राशि (Security Deposit) को अब चार आसान किस्तों में उपभोक्ताओं के मासिक बिल में एडजस्ट किया जाएगा।

15 मई से प्रदेश भर में लगेंगे विशेष समाधान कैंप

नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ऊर्जा विभाग विशेष अभियान चलाने जा रहा है।

  • 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
  • इन कैंपों में उपभोक्ताओं के गलत मोबाइल नंबर अपडेट किए जाएंगे और स्मार्ट मीटर व बिलिंग से जुड़ी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
  • उपभोक्ता अपना बिल एसएमएस (SMS), वॉट्सएप (WhatsApp) और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 के जरिए भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

जून 2026 से पूरी तरह लागू होगी व्यवस्था रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड हो जाएंगे। ऊर्जा विभाग के अनुसार, मई 2026 में खर्च की गई बिजली का पहला पोस्टपेड बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा। यह नई व्यवस्था पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को (कानपुर) सहित पूरे उत्तर प्रदेश में प्रभावी होगी। भविष्य में दिए जाने वाले सभी नए बिजली कनेक्शन भी अब सिर्फ पोस्टपेड मोड में ही जारी किए जाएंगे।