मुख्यमंत्री धामी ने किया ‘विज्ञान वाणी’ रेडियो का लोकार्पण; जानिए उत्तराखंड में क्यों मनाया जाएगा ‘आपदा प्रबंधन दिवस’

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देहरादून। उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) में निर्माणाधीन ‘साइंस सिटी’ परियोजना का औचक निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (STIP) परिसंवाद कार्यक्रम में शिरकत करते हुए प्रदेश के युवाओं और वैज्ञानिकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं।

देहरादून साइंस सिटी: देश के लिए बनेगा अग्रणी केंद्र

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि देहरादून साइंस सिटी का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। आने वाले समय में यह सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्रों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए इनोवेशन का एक बड़ा हब बनेगा। यहां युवाओं को ऐसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जो उनके विचारों को धरातल पर उतारने में मदद करेंगी।

28 नवंबर को मनेगा ‘आपदा प्रबंधन दिवस’

मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल (उत्तरकाशी) में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन का जिक्र किया। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस अभियान को ब्रिक्स (BRICS) देशों के सम्मेलन में ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के तौर पर पेश किया गया था। इसी अदम्य साहस और सफल रेस्क्यू की याद में राज्य सरकार ने अब से हर वर्ष 28 नवंबर को ‘आपदा प्रबंधन दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

‘विज्ञान सेतु’ के तहत 3 नई पहलों का लोकार्पण

विज्ञान के जटिल ज्ञान को राज्य के दूरस्थ इलाकों और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख पहलों का लोकार्पण किया:

  1. विज्ञान वाणी: 88.8 मेगाहर्ट्ज पर आधारित सामुदायिक विज्ञान रेडियो।
  2. विज्ञान दृश्यम
  3. विज्ञान धारा

UCOST में बनेगा नया स्टार्टअप सेंटर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और बायो-टेक्नोलॉजी जैसी उभरती हुई तकनीकों पर जोर देते हुए सीएम धामी ने कहा कि हमें इस तकनीकी बदलाव का नेतृत्व करना है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए यूकॉस्ट परिसर में एक नया ‘स्टार्टअप सेंटर’ विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु (एक नज़र में):

घोषणा / लोकार्पणविवरण
नई घोषणाUCOST परिसर में बनेगा नया ‘स्टार्टअप सेंटर’
नया दिवस28 नवंबर को मनेगा ‘आपदा प्रबंधन दिवस’ (सिलक्यारा रेस्क्यू की याद में)
नई सेवाएंकम्युनिटी रेडियो ‘विज्ञान वाणी’, ‘विज्ञान दृश्यम’ व ‘विज्ञान धारा’ लॉन्च
तकनीकी विजनलैब्स ऑन व्हील्स, स्टेम लैब्स, AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी का विस्तार

हरेला पर्व और ‘जय अनुसंधान’ का विजन

प्रदेश में चल रहे ‘हरेला सप्ताह’ का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि यह पर्व पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। विकास और प्रकृति दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। अंत में उन्होंने पीएम मोदी के विजन “विकसित भारत 2047” का हवाला देते हुए कहा कि ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड विज्ञान और आधुनिक तकनीक का ग्लोबल हब बनने की राह पर अग्रसर है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत सहित कई वैज्ञानिक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।