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बरेली के जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह ने प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक कनिष्ठ सहायक (बाबू) को डिमोट कर चपरासी बना दिया है, जबकि गबन के आरोप में एक अन्य को बर्खास्त कर दिया है।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु:
- लगातार 3 बार फेल होने पर डिमोशन: मीरगंज तहसील में मृतक आश्रित कोटे (वर्ष 2021) से नियुक्त कनिष्ठ सहायक रेहान खान को लगातार तीन बार कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट में फेल होने के कारण चतुर्थ श्रेणी (चपरासी) के पद पर पदावनत कर दिया गया है।
- गबन पर बर्खास्तगी: गबन के आरोप में संलिप्त एक अन्य कनिष्ठ सहायक को सेवा से पूरी तरह बर्खास्त (टर्मिनेट) कर दिया गया है।
- अन्य कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी: कंचित चौधरी, राहुल कुमार और लक्ष्मी सक्सेना को टाइपिंग सीखने और टेस्ट पास करने के लिए सहानुभूति के आधार पर 2 महीने का अंतिम समय दिया गया है। तय सीमा में सुधार न होने पर इनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रशासन में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है। मानकों पर खरे न उतरने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।