Uttarakhand Government Advertisement

Moradabad Power Cut : मुरादाबाद में अघोषित बिजली कटौती से हाहाकार, आधी रात को डीएम आवास पर फूटा लोगों का गुस्सा

Uttarakhand Government Advertisement
ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

Moradabad Power Cut : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में इन दिनों उमस और भीषण गर्मी के बीच बिजली की लुकाछिपी ने आम जनता के सब्र का कड़ा इम्तिहान ले लिया है। लगातार हो रही अघोषित कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में सोमवार देर रात शहर की बैंक कॉलोनी के निवासियों का धैर्य उस वक्त जवाब दे गया, जब घंटों तक बत्ती गुल रहने पर उन्होंने सीधे जिलाधिकारी (डीएम) आवास का रुख कर लिया।

बताया जा रहा है कि इलाके में लंबे समय से बिजली व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। दिन हो या रात, किसी भी वक्त बिना पूर्व सूचना के घंटों के लिए बिजली काट दी जाती है। विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत करने के बावजूद जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो आधी रात को ही भारी संख्या में महिला-पुरुष और युवा डीएम आवास के बाहर इकट्ठा हो गए और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

अधिकारियों के कोरे आश्वासनों से भड़की जनता

दरअसल, बैंक कॉलोनी के लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि बिजली कटने का कोई निर्धारित रोस्टर नहीं बचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के कंट्रोल रूम और संबंधित अधिकारियों के फोन घनघनाए, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ रटा-रटाया और कोरा आश्वासन ही थमा दिया गया। सोमवार रात को भी जब काफी देर तक सप्लाई बहाल नहीं हुई और अधिकारियों ने फोन पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो लोगों ने खुद ही मोर्चा खोलने का मन बना लिया।

Moradabad Power Cut: गर्मी और उमस से बच्चों-बुजुर्गों का बुरा हाल

असल में, इस वक्त पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी और हवा में मौजूद भारी उमस के कारण बिना पंखे और कूलर के घरों के अंदर एक पल भी बिताना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में इस Moradabad Power Cut ने लोगों की रातों की नींद हराम कर दी है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिजली न होने से सबसे ज्यादा तकलीफ छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। गर्मी और मच्छरों के मारे पूरी रात लोग सो नहीं पा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ अगले दिन के कामकाज पर भी सीधा असर पड़ रहा है। जनजीवन इस कदर अस्त-व्यस्त हो चुका है कि अब स्थानीय निवासियों के पास अपना विरोध दर्ज कराने के लिए आधी रात को सड़क पर उतरने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।

चेतावनी के साथ खत्म हुआ आधी रात का हंगामा

आधी रात को डीएम आवास के बाहर भारी भीड़ और हंगामे की सूचना जैसे ही पुलिस-प्रशासन को मिली, महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस बल और बिजली विभाग के आला अधिकारी मौके पर दौड़ पड़े।

अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित लोगों के बीच जाकर उनसे काफी देर तक बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कॉलोनीवासियों को भरोसा दिलाया कि इलाके की बिजली व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार किया जाएगा और अघोषित कटौती पर लगाम कसी जाएगी। अधिकारियों के इस ठोस भरोसे के बाद जाकर कहीं लोगों का गुस्सा शांत हुआ और वे वापस अपने-अपने घरों की तरफ लौटे। हालांकि, लौटते-लौटते लोगों ने स्पष्ट चेतावनी भी दे डाली है कि अगर जल्द ही बैंक कॉलोनी में निर्बाध बिजली सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो वे आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।