रामपुर/मुरादाबाद: रामपुर की रहने वाली महताब ने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ मुरादाबाद के जागेशपुरी से विवाह कर लिया है। सनातन धर्म अपनाने और शुद्धिकरण के बाद महताब का नया नाम ‘ममता’ रखा गया है। युवती ने स्पष्ट किया है कि उसने यह कदम बिना किसी डर, दबाव या लालच के अपनी मर्जी से उठाया है और अब वह अपने घर वापस नहीं जाना चाहती।
पुल निर्माण के काम के दौरान हुई थी मुलाकात करीब चार साल पहले मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र (ग्राम रोंडा) निवासी जागेशपुरी रामपुर के शाहबाद क्षेत्र के जटपुरा गांव में पुल और सरिया निर्माण की मजदूरी करने गया था। यहीं उसकी मुलाकात कासिम की बेटी महताब (20 वर्ष) से हुई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई जो जल्द ही प्यार में बदल गई। लगभग 4 साल के प्रेम प्रसंग के बाद युवती ने शादी का प्रस्ताव रखा। जब परिजनों ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया, तो दोनों ने घर छोड़कर साथ रहने का फैसला किया।
5 साल से थी भगवान शिव में आस्था महताब (अब ममता) ने बताया कि वह पिछले करीब 5 वर्षों से भगवान शिव की पूजा करती आ रही थी और सनातन परंपराओं से काफी प्रभावित थी।
वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से हुआ विवाह आचार्य केके शंखधार के सान्निध्य में विवाह संपन्न हुआ। शादी से पूर्व:
- हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार गंगाजल और गोमूत्र से आचमन करवाकर युवती का शुद्धिकरण कराया गया।
- वैदिक मंत्रोच्चार और गायत्री मंत्र के जाप के साथ सनातन धर्म में दीक्षित किया गया।
- इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, सात फेरे लिए और जय श्रीराम के जयकारों के साथ अपने नए दांपत्य जीवन की शुरुआत की।
–मयंक त्रिगुण (वरिष्ठ पत्रकार)