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खुशियों का सफर बना आखिरी: हरिद्वार में ट्रैक्टर-ट्राली में घुसी स्कूटी, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत

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उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार से एक बेहद विचलित कर देने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहां एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में नाना-नानी और उनका लाडला नाती शामिल है। असल में, यह हादसा उस वक्त हुआ जब ये तीनों अपनी स्कूटी से वापस अपने गांव की तरफ लौट रहे थे। इसी बीच रास्ते में उनकी स्कूटी सड़क किनारे पहले से खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्राली में पीछे से जा घुसी। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते तीन जिंदगियां हमेशा के लिए शांत हो गईं।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और परिवार वालों को इस मनहूस खबर की जानकारी दे दी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक घटना को लेकर सन्न है।

कैसे हुआ यह Haridwar Road Accident?

यह हादसा किस वक्त और किन परिस्थितियों में हुआ, इसे लेकर पुलिस फिलहाल जांच कर रही है। लेकिन, बताया जा रहा है कि स्कूटी चला रहे व्यक्ति को सड़क किनारे खड़ी वह ट्रैक्टर-ट्राली नजर नहीं आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह पर यह Haridwar Road Accident हुआ, वहां अक्सर भारी वाहन बिना किसी इंडिकेटर, रिफ्लेक्टर या पार्किंग लाइट के सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। अंधेरा होने या तेज रफ्तार होने की वजह से स्कूटी सवार को सामने खड़ी ट्राली का अंदाजा नहीं लगा होगा, जिसके चलते स्कूटी सीधे ट्राली के पिछले हिस्से में जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कूटी के पूरी तरह परखच्चे उड़ गए।

इंतजार करती रह गईं आंखें, घर पहुंचा मातम

दरअसल, किसी ने भी सपने में यह नहीं सोचा था कि नाना-नानी के साथ गया उनका मासूम बच्चा अब कभी लौटकर घर वापस नहीं आएगा। जैसे ही यह बुरी खबर गांव में उनके परिजनों तक पहुंची, पूरे घर में कोहराम मच गया। जिन आंखों को अपने बुजुर्गों और बच्चे के सुरक्षित घर लौटने का इंतजार था, वे अब रो-रोकर पथरा गई हैं। परिवार वालों की चीख-पुकार सुनकर पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है। एक ही झटके में परिवार की दो पीढ़ियों का यूं खत्म हो जाना हर किसी की आंखें नम कर रहा है।

सड़क किनारे खड़े वाहन बन रहे काल

हाईवे और मुख्य मार्गों पर सड़क के किनारे भारी वाहनों का इस तरह खड़ा होना कोई नई बात नहीं है। यह लापरवाही अक्सर कई मासूम लोगों की जान ले लेती है। आमतौर पर देखा जाता है कि वाहन खराब होने पर या फिर किसी ढाबे पर रुकने के लिए ड्राइवर अपने ट्रकों या ट्रैक्टर-ट्रालियों को आधी सड़क घेरकर खड़ा कर देते हैं। रात के अंधेरे में पीछे से आने वाले छोटे वाहनों को ये दिखाई नहीं देते और वे सीधे काल के गाल में समा जाते हैं।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में ले लिया गया है और उसके मालिक व ड्राइवर की तलाश की जा रही है। प्रशासन भले ही कागजों पर कार्रवाई की बात करे, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा और सड़क किनारे हो रही इस जानलेवा लापरवाही पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हम सभी के लिए एक कड़ा सबक भी है कि सड़क पर चलते वक्त हमें खुद भी बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।