शिप्रा नदी किनारे अवैध होटलों की खैर नहीं, कैंची धाम क्षेत्र में 20 संरचनाओं को तोड़ने का आदेश जारी

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गरमपानी/नैनीताल (उत्तराखंड): नैनीताल जिले का प्रसिद्ध आस्था का केंद्र कैंची धाम क्षेत्र इन दिनों अवैध निर्माणकर्ताओं के निशाने पर था। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या का फायदा उठाकर कई लोगों ने एनजीटी (NGT) के नियमों और सरकारी भूमि को ताक पर रखकर शिप्रा नदी किनारे और आसपास भारी अतिक्रमण कर लिए थे। अब, जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए एक बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान (Demolition Drive) चलाने का निर्णय लिया है।

20 अवैध निर्माणों को 15 दिन का अल्टीमेटम

एसडीएम अनुराग आर्या के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने हाल ही में कैंची धाम, खैरना, गरमपानी और बेतालघाट क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट्स द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और नदी किनारे नियमों की अवहेलना पाई गई। एसडीएम ने शुरुआती तौर पर 20 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उन्हें 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे स्वयं ही अपने अवैध निर्माण हटा लें, अन्यथा प्रशासन उन्हें बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर देगा और ध्वस्तीकरण का खर्च भी उनसे वसूला जाएगा।

शिप्रा नदी किनारे बने होटलों की होगी जांच

इस कार्रवाई का दूसरा बड़ा हिस्सा शिप्रा नदी की सुरक्षा से जुड़ा है। एसडीएम ने देखा कि कई होटलों और रेस्टोरेंट्स ने एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करते हुए नदी के ठीक किनारे और कुछ मामलों में नदी के सहारे ही दीवार लगाकर निर्माण कर लिए हैं। इस गंभीर मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है, जिसमें विकास प्राधिकरण और वन विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

एसडीएम ने बताया कि यह कमेटी शिप्रा नदी किनारे हुए सभी निर्माण कार्यों की एनजीटी के नियमों के आलोक में जांच करेगी। यदि जांच रिपोर्ट में अनियमितता या अवैध निर्माण पाया जाता है, तो उनके खिलाफ भी कठोर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप

प्रशासन की इस अचानक और कड़ी कार्रवाई से कैंची धाम क्षेत्र के भू-माफियाओं, अवैध रूप से होटल-रेस्टोरेंट चला रहे लोगों और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नदी किनारे अथवा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।