UK Weather Update :देहरादून: उत्तराखंड में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य के सभी जिलों में आगामी 7 जून तक तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। जहाँ एक तरफ पर्वतीय और मैदानी इलाकों में प्री-मानसून की बारिश से मौसम बदल गया है, वहीं कुछ मैदानी शहर अब भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं।
देहरादून में अंधड़ का तांडव, गाड़ियों पर गिरे पेड़
राजधानी देहरादून और आस-पास के इलाकों में देर रात और सुबह आई तेज आंधी-तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया है। शहर के कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण विशालकाय पेड़ और बिजली के पोल उखड़कर सड़कों पर गिर गए। कई जगहों पर खड़े वाहनों (गाड़ियों) के ऊपर भारी पेड़ गिरने से गाड़ियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पेड़ गिरने से कई मुख्य मार्ग बाधित हो गए, जिन्हें हटाने के लिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें जुटी हुई हैं। कई इलाकों में बिजली गुल होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
काशीपुर रहा सबसे गर्म, पारा रिकॉर्ड स्तर पर
एक तरफ जहाँ पहाड़ों और दून घाटी में बारिश से तापमान नीचे गिरा है, वहीं उधम सिंह नगर जिले का काशीपुर शहर उत्तराखंड में सबसे गर्म दर्ज किया गया है। काशीपुर में सूरज के तल्ख तेवरों और गर्म हवाओं (लू) के कारण तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोग बेहाल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में अभी कुछ जगह चटख धूप के कारण उमस और गर्मी परेशान करेगी।
7 जून तक यात्रियों और आम लोगों को सतर्क रहने की हिदायत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज खराब रहेगा। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि तेज बारिश के कारण संवेदनशील मार्गों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान के समय पेड़ों और कच्चे मकानों के नीचे शरण न लें।