Jaspal Rana Terahvin : देहरादून पहुंचे राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा, दिग्गज शूटर जसपाल राणा की तेरहवीं पर दी श्रद्धांजलि

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Jaspal Rana Terahvin : भारतीय निशानेबाजी में अपने अचूक निशानों से देश का नाम रोशन करने वाले दिग्गज शूटर की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। Jaspal Rana Terahvin के मौके पर आयोजित शांति पाठ में खेल और राजनीति जगत के कई बड़े चेहरों ने शिरकत की। देहरादून में हुए इस भावुक कार्यक्रम में देश और प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने नम आंखों से इस महान खिलाड़ी को अपनी अंतिम विदाई दी।

दरअसल, इस गमगीन मौके पर माहौल पूरी तरह से शोकाकुल था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस दुखद घड़ी में शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। रस्मों के दौरान जब जसपाल राणा की पत्नी की नजर अपने पति की माला से सजी तस्वीर पर पड़ी, तो वे अपने आंसू नहीं रोक सकीं। यह हृदय विदारक दृश्य देखकर वहां मौजूद हर शख्स का दिल पसीज गया और वातावरण में एक अजीब सी खामोशी छा गई।

Jaspal Rana Terahvin: राजनाथ सिंह और सीएम धामी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

दिवंगत आत्मा की शांति के लिए पूरे विधि-विधान से हवन और शांति पाठ का आयोजन किया गया था। इस हवन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक साथ बैठकर आहुतियां दीं। बताया जा रहा है कि इन दिग्गज राजनेताओं का अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद इस शोक सभा में पहुंचना यह बताता है कि जसपाल राणा का कद न केवल खेल के मैदान में, बल्कि समाज और देश के हर वर्ग में कितना ऊंचा था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जब हवन की अग्नि प्रज्ज्वलित हुई, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति अपने पुराने दिनों और जसपाल राणा से जुड़ी यादों में खो गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

तस्वीर पर माला देख फूट-फूट कर रो पड़ीं पत्नी

अपनों को हमेशा के लिए खो देने का दर्द क्या होता है, यह तेरहवीं संस्कार में मौजूद परिजनों के चेहरों पर साफ पढ़ा जा सकता था। जैसे ही कार्यक्रम आगे बढ़ा और पत्नी की नजर जसपाल राणा की उस तस्वीर पर गई जिस पर ताजे फूलों की माला चढ़ी हुई थी, वे अपने जज्बातों पर बिल्कुल काबू नहीं रख पाईं। वे फूट-फूट कर रोने लगीं। आसपास बैठी महिलाओं, करीबियों और रिश्तेदारों ने उन्हें बड़ी मुश्किल से संभाला। असल में, यह वो पल था जिसने वहां खड़े हर एक व्यक्ति की आंखों को भिगो दिया था। एक ऐसा चैंपियन जिसने देश को अनगिनत खुशियां दीं, आज सिर्फ एक तस्वीर में सिमट कर रह गया था।

खेल जगत में हमेशा अमर रहेगा योगदान

स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों के अनुसार, भारतीय निशानेबाजी को एक नई पहचान दिलाने वाले इस दिग्गज की कमी हमेशा खलेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने से लेकर युवाओं को इस खेल से जोड़ने तक, उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनके इस तरह चले जाने से न सिर्फ उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश के खेल जगत को एक ऐसी गहरी क्षति पहुंची है जिसकी भरपाई कर पाना लगभग नामुमकिन है।

शांति पाठ और हवन के समापन के साथ ही सभी ने भारी मन से इस महान खिलाड़ी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी यादें और देश के लिए किया गया उनका अभूतपूर्व योगदान आने वाली पीढ़ियों का हमेशा मार्गदर्शन करता रहेगा।