नई दिल्ली, 19 अक्टूबर: विजयादशमी यानी दशहरा इस बार 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार इस दिन दोपहर में विजय मुहूर्त पड़ रहा है, जिसे नए कामों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। दिल्ली के पंचांग के अनुसार विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक रहेगा। अन्य शहरों में यह समय स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देख लें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार विजय मुहूर्त में शुरू किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक होती है। इसीलिए इस मुहूर्त में नया व्यापार शुरू करना, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, नौकरी के लिए आवेदन करना या किसी महत्वपूर्ण योजना का शुभारंभ करना फलदायी माना गया है। कई व्यापारी इसी मुहूर्त में अपने नए बहीखाते की शुरुआत भी करते हैं।
विजय मुहूर्त का संबंध भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि इसी मुहूर्त में बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी, इसलिए इसका नाम विजय मुहूर्त पड़ा। विजयादशमी के दिन अपराजिता पूजन भी इसी मुहूर्त में किया जाता है। अपराजिता को विष्णुकांता भी कहा जाता है और इसका पूजन हर कार्य में विजय दिलाने वाला माना गया है।
ध्यान रहे कि विजय मुहूर्त पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए है। रावण दहन जैसे सार्वजनिक आयोजन शाम को स्थानीय समयानुसार होते हैं। मुहूर्त का लाभ लेने के लिए संकल्प के साथ शुद्ध मन से कार्य की शुरुआत करें और मां दुर्गा का स्मरण अवश्य करें।
स्रोत: द्रिक पंचांग (दिल्ली) एवं धार्मिक मान्यता

