नई दिल्ली, 27 अक्टूबर: रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले सबसे बड़ा तोहफा 78 दिन के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस यानी पीएलबी के रूप में मंजूर हो चुका है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने उसी दिन आरबीई नंबर 84/2026 के तहत आदेश जारी कर दिया। इस फैसले से करीब 11,40,770 गैर-राजपत्रित रेल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और सरकार इस पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये तक का बोनस मिलेगा।
यह बोनस रेलवे के उन कर्मचारियों को मिलेगा जो दिन-रात ट्रेनों के सुरक्षित संचालन, ट्रैक की देखरेख, यात्री सुविधाओं और माल ढुलाई में लगे रहते हैं। इसमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर यानी गार्ड, स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, पॉइंट्समैन, मंत्रालयिक कर्मचारी और अन्य ग्रुप सी कर्मचारी शामिल हैं। गणना के लिए यहां भी 7,000 रुपये प्रति माह की वेतन सीमा लागू रहेगी। यानी वास्तविक वेतन ज्यादा होने पर भी बोनस की गणना इसी तय सीमा के आधार पर होगी, इसलिए अधिकतम रकम 17,951 रुपये तय की गई है।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि आरपीएफ और आरपीएसएफ के कर्मियों को इस आदेश से बाहर रखा गया है। उनके लिए अलग व्यवस्था लागू होती है। इसके अलावा पात्रता की अन्य शर्तें और गणना की प्रक्रिया पहले से जारी रेलवे निर्देशों के अनुसार ही रहेंगी। इसलिए हर रेल कर्मचारी को अपना बोनस एक समान नहीं मिलेगा। सेवा अवधि, श्रेणी और पात्रता की शर्तें पूरी करने पर ही पूरी रकम बनती है। कर्मचारी को अपने मंडल या विभाग से जारी आदेश को ही अंतिम मानना चाहिए।
रेलवे में पीएलबी देने की परंपरा पुरानी है। हर साल दुर्गा पूजा और दशहरा की छुट्टियों से पहले इसका भुगतान किया जाता है, ताकि त्योहारों के समय कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिले। इस बार भी कैबिनेट के फैसले के बाद यही उम्मीद जताई गई कि दिवाली से पहले बोनस की रकम कर्मचारियों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री ने इस फैसले को मेहनती रेल कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफा बताया था और कहा था कि यह बोनस रेलवे के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए दिया जा रहा है।
भुगतान की ताजा स्थिति की बात करें तो आदेश जारी होने के बाद क्षेत्रीय रेलवे और मंडलों में भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। कर्मचारी को अपनी सैलरी स्लिप में बोनस का कॉलम और बैंक खाते में क्रेडिट देखना चाहिए। अगर रकम अब तक न आई हो, तो घबराने के बजाय अपने कार्यालय के वेतन अनुभाग से पूछताछ करें। कई बार भुगतान किस्तों या मंडलवार समय-सारणी के हिसाब से होता है, इसलिए दो कर्मचारियों के खाते में एक ही दिन पैसा आना जरूरी नहीं है।
रेल कर्मचारियों के लिए यह भी जानना जरूरी है कि उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों वाला 30 दिन का एड-हॉक बोनस नहीं मिलेगा, क्योंकि वे पहले से पीएलबी के दायरे में आते हैं। दोनों बोनस एक साथ नहीं मिलते। इसलिए किसी भी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय रेलवे बोर्ड के आदेश और अपने मंडल के निर्देश को ही सही मानें। दिवाली की खरीदारी की योजना बोनस के हिसाब से बनाएं, लेकिन खर्च तभी करें जब रकम खाते में दिख जाए।
स्रोत: रेलवे बोर्ड का आदेश आरबीई नंबर 84/2026 (14 अक्टूबर 2026) और केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय की रिपोर्ट

