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विभागीय अधिकारियों के साथ मंत्री ने की उच्च स्तरीय बैठक

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रोहतक। कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि राज्य के सेमग्रस्त क्षेत्रों को सेममुक्त करने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि चरखी दादरी जिले में एक विशेष पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं।

राणा ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग एक लाख एकड़ लवणीय भूमि को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कृषि विभाग तथा मत्स्य विभाग को मिलकर प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में भूमि सेमग्रस्त और लवणीय है, जहां पारंपरिक खेती संभव नहीं है। ऐसी भूमि में तालाब बनाकर झींगा पालन की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।

इससे न केवल भूमि से लवणीय जल निकलेगा और भूजल स्तर के नीचे जाने से सेम की समस्या कम होगी, बल्कि किसानों को आर्थिक लाभ भी होगा।

कृषि मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए सेमग्रस्त क्षेत्रों से जल निकासी के लिए आपदा प्रबंधन विभाग एवं सिंचाई विभाग के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाए।