बागेश्वर/देहरादून: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली और रूह कंपा देने वाली घरेलू हिंसा का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक ससुराल वालों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही बहू को पिछले करीब 300 दिनों (लगभग 10 महीने) से एक तंग और अंधेरे टॉयलेट-कमरे में बंधक बनाकर रखा हुआ था। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने जब पीड़ित महिला को मुक्त कराया, तो उसकी हालत देखकर अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं।
कच्चे चावल और प्याज खिलाकर रखा जिंदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाहिता को पिछले साल से ही घर के एक छोटे से टॉयलेट वाले हिस्से में बंद कर दिया गया था। ससुराल वालों के अत्याचार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे भरपेट खाना तक नहीं दिया जाता था। महिला को जिंदा रखने के लिए केवल कच्चे चावल और कच्चा प्याज फेंक दिया जाता था। भूख और लगातार प्रताड़ना के कारण महिला का शरीर पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका है और वह मानसिक रूप से बेहद सदमे में है।
प्राइवेट पार्ट पर बोतल और डंडे की चोट के निशान, बर्बरता की हदें पार
मेडिकल जांच और रेस्क्यू टीम की रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद विचलित करने वाले हैं। दरिंदगी की हदें पार करते हुए ससुराल वालों ने महिला को बेरहमी से पीटा था। उसके शरीर और प्राइवेट पार्ट पर बोतल और डंडे से वार किए जाने के गहरे व गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। महिला गंभीर रूप से संक्रमित (Infected) हो चुकी है और उसकी हालत को देखते हुए उसे तुरंत अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है।
मायके वालों की सूचना पर पुलिस ने किया रेस्क्यू
बताया जा रहा है कि महिला का मायका दूसरे जिले में है और काफी समय से बात न होने और शक होने पर जब मायके पक्ष के लोग ससुराल पहुंचे, तो उन्हें घर के अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके बाद उन्होंने तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब घर पर छापा मारा, तो टॉयलेट के भीतर बदहवास और निर्वस्त्र जैसी स्थिति में पड़ी महिला को बरामद किया गया।
मामला दर्ज, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
पुलिस ने पीड़ित महिला के पिता की तहरीर पर पति, सास और ससुर सहित अन्य ससुराल वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), बंधक बनाने और घरेलू हिंसा जैसी संगीन और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि यह एक अत्यंत गंभीर और अमानवीय अपराध है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।