उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी तरह एक्टिव कर दिया है। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में भाजपा ने अपनी नई टीम (UP BJP New Team) की घोषणा कर दी है, जिसमें सामाजिक समीकरणों और खास तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भारी तरजीह दी गई है। इस नई टीम में कई पुराने दिग्गजों को बरकरार रखने के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। सबसे चौंकाने वाला और बड़ा नाम देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह का है, जिन्हें प्रदेश संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उपाध्यक्ष बनाया गया है।
असल में, भाजपा की इस नई टीम के गठन के पीछे पूरी तरह से 2027 के चुनावी रण की रणनीति छिपी हुई है। पार्टी ने इस बार जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन साधने की पूरी कोशिश की है। टीम में कुल 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्रियों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, प्रयागराज की सियासत में बड़ा रसूख रखने वालीं पूजा पाल और पश्चिमी यूपी के कद्दावर नेता सुरेश राणा को भी उपाध्यक्ष पद से नवाजा गया है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने इस सूची को फाइनल करने से पहले जमीन पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट और क्षेत्रीय पकड़ को सबसे ऊपर रखा।
UP BJP New Team में जातिगत समीकरणों पर खास फोकस
भाजपा ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक हकीकत को ध्यान में रखते हुए इस लिस्ट में ओबीसी और दलित चेहरों को आगे बढ़ाया है। दरअसल, पार्टी पिछले कुछ समय से सामाजिक न्याय के मोर्चे पर विपक्ष के हमलों का सामना कर रही थी, जिसका जवाब संगठन में भारी प्रतिनिधित्व देकर दिया गया है। नई टीम में शामिल 19 उपाध्यक्षों में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य और रमेश सिंह जैसे मजबूत नाम शामिल हैं। वहीं अर्चना मिश्रा, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को भी उपाध्यक्ष की कुर्सी मिली है।
संगठन को धार देने के लिए पार्टी ने आठ महामंत्रियों की भी नियुक्ति की है। इनमें रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को शामिल किया गया है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो इन महामंत्रियों के कंधों पर प्रदेशभर में सांगठनिक दौरों और चुनावी रैलियों के प्रबंधन का मुख्य जिम्मा होने वाला है।
क्षेत्रीय क्षत्रपों को कमान और मोर्चों का पुनर्गठन
यूपी जैसे बड़े राज्य को संभालने के लिए भाजपा ने अपने छह संगठनात्मक क्षेत्रों में नए कप्तानों की तैनाती की है। इसके तहत नवाब सिंह नागर को पश्चिम, पूरन लाल लोधी को ब्रज, राम किशोर साहू को कानपुर, अवधेश द्विवेदी को अवध, अशोक चौरसिया को काशी और विनोद राय को गोरखपुर का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों का भी एलान कर दिया गया है, जिसमें रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा, प्रकाश पाल को पिछड़ा मोर्चा, देवेन्द्र सिंह को किसान मोर्चा, अशोक रावत को अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाहा को महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड को अनुसूचित जनजाति मोर्चा की कमान सौंपी गई है। दिनेश प्रताप सिंह को पार्टी का मुख्य प्रवक्ता और मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक बनाया गया है।
इसके साथ ही, संगठन मंत्रियों की एक लंबी फौज भी उतारी गई है। विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विनय राजभर, प्रमेंद्र जांगड़ा विश्वकर्मा, किरण लोधी निषाद, एकेश बिंद, सचिता सिंह चौहान, रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, महामेधा नागर, दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल, यतेन्द्र शर्मा और आकांक्षा सोनकर को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यालय प्रबंधन का काम भारत दीक्षित (कार्यालय मंत्री) के साथ अतुल अवस्थी और लक्ष्मण सिंह संभालेंगे।
देखा जाए तो भाजपा ने इस फेरबदल के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि वह चुनाव के लिए पूरी तरह से युद्धस्तर पर तैयारी कर चुकी है। अब देखना यह होगा कि पंकज चौधरी की कप्तानी में तैयार हुई यह नई टीम जमीन पर कितना कमाल दिखा पाती है और अंदरूनी गुटबाजी को रोककर पार्टी को फिर से सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में कितनी कामयाब होती है।