लखीमपुर खीरी। शादी की खुशियां मनाकर घर लौट रहे लोग क्या जानते थे कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। मंगलवार देर रात करीब 1 बजे एक ऑल्टो कार अचानक शारदा नहर में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि कार में सवार 6 में से 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सिर्फ ड्राइवर किसी तरह जिंदा बचा, लेकिन उसकी हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है। सबसे दिल दहला देने वाली बात ये कि कार के सारे गेट लॉक हो गए थे, जिसकी वजह से कोई बाहर नहीं निकल पाया और सबके सब पानी में डूबकर तड़प-तड़पकर मर गए।
हादसा कहां और कैसे हुआ? ये दिल दहला देने वाला हादसा पढुआ थाना क्षेत्र के ढखेरवा-गिरजापुरी हाईवे पर पारस पुरवा गांव के पास हुआ। कार बहराइच से लखीमपुर खीरी की तरफ जा रही थी। सभी लोग किसी शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। अंधेरे में ड्राइवर का संतुलन बिगड़ा और कार सीधे शारदा नहर में जा गिरी। “प्लॉप” की तेज आवाज हुई और कुछ ही सेकंड में कार पानी में डूबने लगी।
ग्रामीणों ने सुनाई चीखें, दौड़े आए मौके पर गांव के लोग रात में सो रहे थे। अचानक कार के गिरने की जोरदार आवाज और उसमें सवार लोगों की चीखें सुनाई दीं। स्थानीय लोग अभिमन्यू, रोबिन और उमेश तुरंत उठे और टॉर्च लेकर नहर किनारे पहुंच गए। जो नजारा देखा, उनके रोंगटे खड़े हो गए। कार तेजी से डूब रही थी और अंदर बैठे लोग दरवाजे पीट रहे थे, मदद के लिए चीख रहे थे। लेकिन गेट लॉक होने की वजह से कोई बाहर नहीं निकल पा रहा था।
ग्रामीणों ने बताया, “हमने देखा कि लोग छटपटा रहे हैं, हाथ-पैर मार रहे हैं, लेकिन दरवाजा नहीं खुल रहा था। कुछ ही पलों में कार पूरी तरह डूब गई।” आनन-फानन में पुलिस को फोन किया गया। पढुआ थाने के सब-इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह अपनी टीम के साथ फौरन मौके पर पहुंच गए।
रस्सी बांधकर खींची कार, फिर तोड़ा शीशा पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर पहले रस्सी का इंतजाम किया। इसके बाद नाव लेकर नहर में उतरे। बड़ी मुश्किल से कार में रस्सी बांधी गई और सबने मिलकर उसे किनारे तक खींचा। कार बाहर आई तो सब हैरान रह गए – सारे गेट अंदर से लॉक थे। कोई भी दरवाजा नहीं खोल पाया था।
फिर क्या था, ग्रामीणों ने ईंट उठाई और कार के शीशे तोड़ डाले। एक-एक करके सभी लोगों को बाहर निकाला गया। किसी को CPR दिया गया तो ड्राइवर बबलू को होश आ गया, लेकिन बाकी पांच लोग बेजान थे। सभी को तुरंत CHC रमिया बेहड़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया।
कौन-कौन थे मरने वाले? मृतकों में बहराइच के सुजौली थाना क्षेत्र के घाघरा बैराज निवासी जितेंद्र (23 साल), घनश्याम (25 साल), सिसियन पुरवा निवासी लालजी (45 साल) और सुरेश (50 साल) शामिल हैं। पांचवें शख्स की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। ड्राइवर बबलू गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
ग्रामीण बोले – “जिंदगी में पहली बार ऐसा भयानक मंजर देखा” प्रत्यक्षदर्शी अभिमन्यू ने बताया, “हमने बहुत कोशिश की, लेकिन जब तक कार निकाली तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अंदर सब शांत हो चुके थे।” रोबिन और उमेश भी कुछ बोल नहीं पा रहे थे। उनका कहना था कि अगर गेट लॉक न होते तो शायद एक-दो लोग तो बच ही जाते।
पुलिस अब हादसे की पूरी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ड्राइवर का कंट्रोल कैसे छूटा और कार नहर में कैसे चली गई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शादी की खुशियां एक पल में मातम में बदल गईं।
ये हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और पुरानी गाड़ियों में चाइल्ड लॉक जैसी सुविधाओं के खतरों की याद दिलाता है। रात के समय हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी भयानक साबित हो सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण बन गया ये मामला।
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