मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
मुरादाबाद -आज के दौर में जब रसोई गैस की कीमतें और महंगाई आम आदमी का बजट बिगाड़ रही हैं, तब राजनीतिक दल भी विरोध के नए और रचनात्मक तरीके अपना रहे हैं। जनता का ध्यान खींचने और सत्ता पक्ष को घेरने के लिए अक्सर अनोखे विरोध प्रदर्शन देखने को मिलते हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सपा का प्रदर्शन इस वक्त पूरे सूबे की सियासत में चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने गैस की किल्लत और आसमान छूती महंगाई के खिलाफ एक बेहद ही प्रतीकात्मक और अनूठा विरोध दर्ज कराया है। विरोध का यह तरीका इतना अलग था कि सड़क से गुजरने वाले लोग भी ठिठक कर देखने को मजबूर हो गए। सपा नेताओं ने सड़क किनारे बहते नाले से निकलने वाली गैस का इस्तेमाल करके बाकायदा चाय बनाने की कोशिश की।
नाले की गैस से चाय: मुरादाबाद में सपा का प्रदर्शन बना चर्चा का केंद्र
सियासत में प्रतीकात्मक विरोध गहरे संदेश छिपाए होते हैं। मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इसी तर्ज पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई। पार्टी के कई कार्यकर्ता सड़क किनारे एक नाले के पास इकट्ठा हुए। वे अपने साथ चाय बनाने का बर्तन, पानी, चायपत्ती और कुल्हड़ भी लेकर पहुंचे थे।
इस पूरे प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नाले से उठने वाली गैस का उपयोग करके चाय पकाना था। यह नजारा देखने के लिए मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस अनोखे प्रयोग को देखने के लिए उत्सुक नजर आया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश पूर्व गौ सेवा आयोग के सदस्य ठाकुर राहुल सिंह ने किया। मौके पर उन्होंने सरकार की नीतियों और दावों पर जमकर तंज कसा। ठाकुर राहुल सिंह ने मीडिया और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश के शीर्ष नेता नाले की गैस से चाय बनाने जैसी बातें करते हैं, तो क्या वाकई में आम जनता की असल समस्याओं का समाधान ऐसे दावों से हो सकता है? उनका यह तंज सीधे तौर पर उस बहुचर्चित बयान की याद दिला रहा था, जिसमें नाले की गैस का इस्तेमाल करने का जिक्र किया गया था।
कुल्हड़ और बर्तन लेकर पहुंचे सपाई, जानिए क्या रहा नतीजा?
सपा कार्यकर्ताओं ने पूरी तैयारी और उत्साह के साथ वहां मौजूद लोगों को नाले की गैस से बनी चाय पिलाने का प्रयास किया। हालांकि, व्यावहारिक तौर पर यह संभव नहीं हो सका और गैस न जल पाने के कारण चाय नहीं बन पाई।
लेकिन, इस पूरे प्रदर्शन का असली मकसद चाय बनाना नहीं, बल्कि बढ़ती महंगाई, गैस की किल्लत और खोखले राजनीतिक वादों की ओर जनता का ध्यान आकर्षित करना था। भले ही चाय न बन सकी हो, लेकिन यह अनोखा विरोध प्रदर्शन लोगों और स्थानीय मीडिया के बीच एक बड़ी सुर्खी जरूर बन गया।
विरोध प्रदर्शन में ये नेता रहे मौजूद
सपा के इस प्रदर्शन में पार्टी के कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। ठाकुर राहुल सिंह के साथ देवराज सिंह चौहान, विशाल सिंह, वंश सिंह, मो. नाजिम, मोहम्मद अकरम और विनय शर्मा समेत कई कार्यकर्ता इस मौके पर मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आम आदमी को महंगाई से राहत दिलाने की मांग उठाई।