मुरादाबाद। जनपद में स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए मुरादाबाद प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में ‘जिला विद्यालय यान समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जनपद में संचालित स्कूली वाहनों की सुरक्षा, फिटनेस, चालकों के पुलिस सत्यापन और सड़क सुरक्षा मानकों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों व स्कूल संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए।
नाबालिग छात्र स्कूटी से आए, तो स्कूल पर होगी कार्रवाई बैठक में उपस्थित विभिन्न विद्यालयों के संचालकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सबसे सख्त हिदायत नाबालिग बच्चों की ड्राइविंग को लेकर दी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थी मोटरसाइकिल, स्कूटी अथवा अन्य दोपहिया वाहन चलाकर विद्यालय आते हुए पाए जाते हैं, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ भी आवश्यक एवं कड़ी कार्रवाई होगी।
स्कूली बसों का 100% फिटनेस टेस्ट अनिवार्य बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने एआरटीओ (ARTO) श्री आनंद निर्मल को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित सभी स्कूली बसों और वाहनों की फिटनेस का शत-प्रतिशत सत्यापन अभियान चलाकर इसे शीघ्र पूर्ण कराया जाए। जर्जर और बिना फिटनेस वाली बसों को किसी भी हाल में सड़कों पर दौड़ने की अनुमति नहीं मिलेगी।
चालकों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन और हेल्थ चेकअप स्कूली वाहनों को चलाने वाले चालकों (ड्राइवरों) की पृष्ठभूमि और स्वास्थ्य को लेकर भी अहम फैसले लिए गए हैं:
- सत्यापन: सभी चालकों का पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
- स्वास्थ्य शिविर: चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयवार सभी चालकों का हेल्थ चेकअप सुनिश्चित किया जाएगा।
हर स्कूल में बनेगा ‘सड़क सुरक्षा क्लब’ विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक विद्यालय में ‘सड़क सुरक्षा क्लब’ का अनिवार्य रूप से गठन किया जाए। इसके माध्यम से बच्चों को नियमित रूप से सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी रीना वालिया, डीआईओएस (DIOS) रितु तोमर सहित शिक्षा और परिवहन विभाग के कई अन्य अधिकारी गण प्रमुख रूप से मौजूद रहे।