संभल के 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत, हरियाणा झज्जर में ट्रक ने कार को रौंदा

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झज्जर (हरियाणा)। हरियाणा के झज्जर में मंगलवार शाम एक भयानक सड़क हादसा हो गया, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। तूड़ी (पराली के भूसे) से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और साइड से आ रही ऑल्टो कार पर जा गिरा। कार पूरी तरह कुचल गई और उसमें सवार सभी पांच लोग मारे गए। इनमें उत्तर प्रदेश के संभल जिले के तीन प्रवासी मजदूर भी शामिल थे। हादसे के बाद गांवों में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

क्या हुआ? हादसे की पूरी कहानी

ये दर्दनाक हादसा झज्जर-रेवाड़ी रोड पर सिलानी गांव के पास गुरुग्राम फ्लाईओवर के नजदीक हुआ। शाम का वक्त था, जब उंटलोधा गांव में शटरिंग का काम खत्म करके मजदूर लौट रहे थे। ऑल्टो कार में पांच लोग सवार थे। कार को सुरहा गांव का रहने वाला ठेकेदार चला रहा था, जो मजदूरों को ड्रॉप करने जा रहा था।

तभी रेवाड़ी की तरफ से आ रहा तूड़ी से भरा ट्रक तेज रफ्तार में अनियंत्रित हो गया और सीधे कार पर पलट गया। ट्रक का भारी वजन और तूड़ी का बोझ पड़ते ही ऑल्टो कार पूरी तरह पिचक गई। कार में फंसे सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। देखते ही देखते सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और लोग मदद के लिए दौड़ने लगे।

कौन थे मृतक? मजदूरों की मेहनत पर ग्रहण

मारे गए पांच लोगों में चार उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर थे, जिनमें से तीन संभल जिले के थे। ये मजदूर हरियाणा में निर्माण कार्य के लिए आए थे और रोजी-रोटी कमाने की उम्मीद में दिनभर मेहनत करते थे। पांचवां व्यक्ति कार चला रहा ठेकेदार था, जो स्थानीय गांव सुरहा का निवासी बताया जा रहा है।

परिजनों तक जैसे ही मौत की खबर पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। संभल और आसपास के गांवों में मातम पसर गया। ये मजदूर अपने परिवार की उम्मीद थे, लेकिन एक पल में सब कुछ खत्म हो गया।

कब और कहां हुआ ये हादसा?

हादसा 23 दिसंबर 2025 की शाम को हुआ। जगह थी झज्जर का गुरुग्राम रोड, सिलानी गांव के पास फ्लाईओवर के करीब। ये व्यस्त हाईवे है, जहां अक्सर भारी वाहन आते-जाते रहते हैं। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया और ट्रैफिक काफी देर तक ठप रहा।

क्यों हुआ हादसा? तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग की आशंका

पुलिस की शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और ट्रक के ओवरलोड होने को मुख्य कारण बताया जा रहा है। तूड़ी से भरा ट्रक इतना भारी था कि बैलेंस बिगड़ते ही पलट गया। ACP सुरेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रक कार पर गिरने से ये भयानक हादसा हुआ। हालांकि पूरी जांच चल रही है और ट्रक ड्राइवर से भी पूछताछ की जा रही है।

ऐसे हादसे अक्सर ओवरलोडिंग और लापरवाही की वजह से होते हैं, जो सड़कों पर जान ले लेते हैं।

कैसे हुआ रेस्क्यू? पुलिस की कड़ी मशक्कत

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। लेकिन ट्रक इतना भारी था कि कार को निकालना मुश्किल हो रहा था। जेसीबी और हाइड्रा मशीन की मदद से तूड़ी हटाई गई और ट्रक को कार से अलग किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। सभी शवों को झज्जर के सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने पांचों को मृत घोषित कर दिया।

इलाके में दहशत, लोग कर रहे सवाल

इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि भारी ट्रकों पर लगाम क्यों नहीं लगाई जाती? प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा का क्या? स्थानीय लोग और व्यापारियों ने पुलिस से हाईवे पर ज्यादा गश्त और स्पीड लिमिट की मांग की है।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। ट्रक जब्त कर लिया गया है और जल्द ही रिपोर्ट आने की उम्मीद है। लेकिन जो जिंदगियां चली गईं, वो कभी वापस नहीं आएंगी। ये हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की याद दिलाता है।