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Uttarakhand-weather 17-december-2025 : कड़ाके की सर्दी ने उत्तराखंड को किया बेहाल! अलाव के सहारे गुजर रही रातें

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Uttarakhand-weather 17-december-2025 : देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों सर्दी ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों में शीतलहर चल रही है, जिससे दिन हो या रात, ठिठुरन हर जगह महसूस हो रही है। खासकर तराई के इलाकों में घने कोहरे के साथ ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने वाली है, जिससे पूरे राज्य में कंपकंपी छा जाएगी।

कौन प्रभावित हो रहा है?

उत्तराखंड के आम लोग, खासकर तराई क्षेत्रों जैसे हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल के लालकुआं और रुद्रपुर में रहने वाले住民 सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पहाड़ी जिलों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में भी ऊंचाई वाले इलाकों के लोग ठंड की मार झेल रहे हैं। किसान, मजदूर और बाहर काम करने वाले लोग अलाव जलाकर खुद को गर्म रखने को मजबूर हैं। बच्चे और बुजुर्ग तो घरों से निकलने से भी डर रहे हैं।

क्या हो रहा है?

राज्य में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। तराई क्षेत्रों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं, ट्रेन और फ्लाइट्स पर भी असर पड़ रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। पहाड़ों पर कुछ जगहों पर पाला गिर रहा है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान माइनस में पहुंच गया है। नदियां और झरने जमने की कगार पर हैं।

कब शुरू हुई ये ठंड?

दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ लिया है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से शीतलहर का असर खासतौर पर बढ़ा है। 15-16 दिसंबर के आसपास तराई में कोहरा और ठंड ने पीक पर पहुंच गया। मौसम विभाग ने 17 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में और 2-3 डिग्री की गिरावट की चेतावनी दी है। 21 दिसंबर को कुछ जिलों में हल्की बारिश या बर्फबारी के भी आसार हैं।

कहां सबसे ज्यादा असर?

तराई के जिले जैसे उधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल के निचले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां घना कोहरा सुबह 8 बजे के बाद भी छंटता नहीं, लोग वाहनों में लाइट जलाकर चल रहे हैं। पहाड़ी जिलों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और देहरादून के ऊपरी हिस्सों में ठंडी हवाएं और कम तापमान ने दस्तक दे दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोहरे की वजह से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।

क्यों पड़ रही इतनी ठंड?

पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर प्रभाव की वजह से ठंड बढ़ रही है। उत्तर भारत में चल रही सर्द हवाएं उत्तराखंड तक पहुंच रही हैं। मौसम शुष्क होने से रात में तापमान तेजी से गिर रहा है। घने कोहरे ने धूप को भी रोक रखा है, जिससे दिन में भी गर्मी नहीं महसूस हो रही। IMD के मुताबिक ये ठंड का दौर अभी कुछ दिन और जारी रहेगा।

कैसे हो रही है लोगों की जिंदगी प्रभावित?

ठंड और कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ गया है। ट्रेनें लेट हो रही हैं, फ्लाइट्स प्रभावित हैं। लोग घरों में दुबककर रह रहे हैं, बाहर निकलने पर गर्म कपड़े और अलाव जरूरी हो गए हैं। किसानों की फसलों पर भी पाले का खतरा मंडरा रहा है। रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर लोग अलाव के इर्द-गिर्द जमा हो रहे हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि बाहर निकलते समय सावधानी बरतें, खासकर ड्राइविंग करते समय।

आने वाले दिनों में क्या होगा?

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3-4 दिनों में तापमान और गिरेगा। 21 दिसंबर को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है, जिससे ठंड और बढ़ जाएगी। मैदानी इलाकों में कोहरा जारी रहेगा। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, अलाव जलाने और स्वास्थ्य का ख्याल रखने की सलाह दी गई है।

इस ठंड ने उत्तराखंड को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। तराई हो या पहाड़, हर जगह कंपकंपी का माहौल है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ राहत मिले, लेकिन फिलहाल तो सर्दी का ये सितम जारी है। बाहर निकलें तो सावधान रहें, घर में रहें तो गर्म रहें!