देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से लगभग 700 श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि श्सोमनाथ स्वाभिमान पर्वश् राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखण्ड सरकार भी देवभूमि उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है।
मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति, संस्कार और श्अतिथि देवो भवःश् की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से केवल सोमनाथ के दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के भी प्रतिनिधि हैं।
इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।