Numerology mobile number–नई दिल्ली। आजकल हर कोई स्मार्टफोन इस्तेमाल करता है और मोबाइल नंबर हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आपको पता है कि आपके फोन नंबर में कुछ खास अंक होने से परेशानियां खड़ी हो सकती हैं? जी हां, हम बात कर रहे हैं 18 और 81 जैसे नंबरों की। न्यूमरोलॉजी और वास्तु शास्त्र के जानकारों के मुताबिक ये दोनों अंक आपके लिए मुसीबत का कारण बन सकते हैं। अगर आपके नंबर में ये अंक बार-बार आ रहे हैं या शुरू में हैं, तो सतर्क हो जाइए। आइए जानते हैं कि आखिर ये दिक्कतें क्या-क्या हैं और इनसे कैसे बचें।
1. मानसिक तनाव और चिंता। न्यूमरोलॉजिस्ट बताते हैं कि 18 नंबर राहु और केतु ग्रह से जुड़ा होता है, जो अचानक बदलाव और अनिश्चितता लाता है। अगर आपका नंबर 18 से शुरू होता है या इसमें 18 बार-बार दिखता है, तो जिंदगी में बार-बार छोटी-छोटी परेशानियां आ सकती हैं। जैसे नौकरी में अस्थिरता, रिश्तों में झगड़े या पैसे की तंगी। वहीं 81 नंबर शनि और मंगल की युति दर्शाता है, जो गुस्सा और जल्दबाजी बढ़ाता है। ऐसे लोग अक्सर गलत फैसले ले लेते हैं, जिससे नुकसान होता है।
2. स्वास्थ्य संबंधी। वास्तु एक्सपर्ट्स का कहना है कि 18 वाला नंबर नींद की समस्या, सिरदर्द और पेट संबंधी बीमारियां ला सकता है। खासकर अगर आपका जन्म तारीख भी 1, 8 या 9 है, तो ये प्रभाव और बढ़ जाता है। 81 नंबर वाले लोगों को हड्डियों में दर्द, जोड़ों की समस्या या ब्लड प्रेशर की शिकायत हो सकती है। कई लोग तो बताते हैं कि नंबर बदलने के बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ। क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है?
3. आर्थिक नुकसान। 18 नंबर को ‘दुर्घटना का अंक’ माना जाता है, यानी पैसा आता तो है लेकिन टिकता नहीं। निवेश गलत जगह हो जाता है, लोन फंस जाता है या अचानक खर्चे बढ़ जाते हैं। 81 नंबर वाले लोग जल्दबाजी में बड़ा रिस्क लेते हैं, जैसे शेयर मार्केट में पैसा डालना या बिजनेस में गलत पार्टनर चुनना। नतीजा? घाटा ही घाटा। अगर आपका नंबर इनमें से एक है, तो बड़े फैसले सोच-समझकर लें।
4.रिश्तों में। 18 नंबर वाले लोग अक्सर अकेलापन महसूस करते हैं, भले ही आसपास लोग हों। पार्टनर के साथ झगड़े, परिवार में अनबन या दोस्तों से दूरी बन जाती है। 81 नंबर गुस्से को बढ़ाता है, जिससे बात-बात पर लड़ाई हो जाती है। शादीशुदा लोग तो खास तौर पर परेशान रहते हैं। न्यूमरोलॉजी में सलाह दी जाती है कि ऐसे नंबर वाले लोग 3, 6 या 9 जैसे पॉजिटिव अंकों वाले लोगों से दोस्ती करें।
5. करियर में रुकावट। 18 नंबर प्रमोशन रोकता है, बॉस से तनाव बढ़ाता है और ट्रांसफर की नौबत आ जाती है। 81 नंबर वाले लोग मेहनत तो करते हैं लेकिन क्रेडिट नहीं मिलता। जॉब चेंज बार-बार करना पड़ता है। अगर आप स्टूडेंट हैं, तो पढ़ाई में फोकस नहीं रहता, एग्जाम में सिली मिस्टेक हो जाती है।
6.नंबर बदलना। लेकिन अगर बदलना मुमकिन नहीं, तो न्यूमरोलॉजिस्ट सलाह देते हैं कि फोन में 9 या 3 जैसे अंक जोड़कर बैलेंस करें। जैसे नाम के साथ 9 लगाएं या वॉलपेपर में गणेश जी की फोटो रखें। हनुमान चालीसा पढ़ना या शनिवार को सरसों का तेल दान करना भी फायदेमंद है। 18 वाले लोग बुधवार को हरी चीजें दान करें, 81 वाले मंगलवार को गुड़।
दोस्तों, ये बातें विज्ञान नहीं बल्कि अनुभव और प्राचीन शास्त्रों पर आधारित हैं। कई सेलेब्रिटीज ने नंबर बदलकर किस्मत चमकाई है। आप भी ट्राई करके देखें। लेकिन याद रखें, असली ताकत मेहनत और सकारात्मक सोच में है। नंबर सिर्फ एक संकेत है।
अगर आपको लगता है कि आपका नंबर भी ऐसा है, तो कमेंट में बताएं। क्या आपके साथ भी ऐसी दिक्कतें हुईं? शेयर करें अपनी स्टोरी।
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