Uttarakhand Government Advertisement

 मुरादाबाद में खड़े कंटेनर में लगी भीषण आग, 3 घंटे की मशक्कत से बुझी  

Uttarakhand Government Advertisement
ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

मयंक त्रिगुण, वरिष्ठ संवाददाता

मुरादाबाद : मझोला थाना क्षेत्र में आरटीओ रोड पर रविवार दोपहर करीब 3 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़ा एक कंटेनर अचानक आग की लपटों में घिर गया। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि कंटेनर में लदी एक कंपनी के लाखों रुपए के चिप्स पूरी तरह जलकर राख हो गए। ये नजारा देखकर आसपास के लोग सहम गए। धुआं दूर-दूर तक फैल गया और ट्रैफिक भी जाम हो गया। अच्छा हुआ कि फायर ब्रिगेड की टीम को तुरंत सूचना मिली और वो मौके पर पहुंच गई। नहीं तो पास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ सकती थीं।

आग लगने का पूरा माजरा

दोपहर के वक्त सब कुछ नॉर्मल था। कंटेनर आरटीओ रोड के किनारे खड़ा था, शायद माल उतारने या लोड करने का इंतजार कर रहा था। अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले तो छोटा सा धुआं था, लेकिन मिनटों में ही आग भड़क उठी। लोग चिल्लाने लगे, कोई पानी डालने की कोशिश करने लगा, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई पास नहीं फटक सका। कंटेनर में चिप्स के पैकेट भरे थे, जो आग पकड़ते ही जलने लगे। लाखों का नुकसान हो गया। कंपनी वाले तो सदमे में हैं, क्योंकि पूरा स्टॉक स्वाहा हो चुका है।

फायर ब्रिगेड की बहादुरी

सूचना मिलते ही मझोला थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर दौड़ी चली आईं। फायर फाइटर्स ने तुरंत पानी की बौछारें शुरू कीं। लेकिन आग इतनी जबरदस्त थी कि आसानी से काबू नहीं आ रही थी। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फायरमैन बार-बार कंटेनर के पास जाकर आग बुझाने की कोशिश करते रहे। आखिरकार शाम तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। अगर टीम थोड़ी देर और लेट होती, तो आसपास की दुकानें और गाड़ियां भी जल सकती थीं। लोगों ने फायर ब्रिगेड की तारीफ की कि उन्होंने जान जोखिम में डालकर सबको बचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी

जो लोग वहां मौजूद थे, उनकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। एक दुकानदार ने बताया, “अचानक धुआं देखा, फिर आग की लपटें उठीं। हम भागे, लेकिन चिप्स की खुशबू जलने की बदबू में बदल गई।” दूसरा शख्स बोला, “कंटेनर खड़ा था, शायद शॉर्ट सर्किट से आग लगी हो। फायर वाले नहीं आते तो बड़ा हादसा हो जाता।” पुलिस ने इलाके को खाली करवाया और ट्रैफिक डायवर्ट किया। अब जांच चल रही है कि आग लगी कैसे। शॉर्ट सर्किट, सिगरेट की चिंगारी या कुछ और – सब पता लगेगा।

नुकसान का अंदाजा

कंटेनर में एक नामी कंपनी के चिप्स भरे थे। लाखों रुपए का माल था, जो अब सिर्फ राख बचा है। कंपनी को भारी घाटा हुआ है। ड्राइवर और हेल्पर बाल-बाल बचे, क्योंकि वो पास में ही थे। कोई इंसानी जान तो नहीं गई, लेकिन संपत्ति का नुकसान बड़ा है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है।

मुरादाबाद में ऐसे हादसे पहले भी हो चुके हैं, लेकिन ये वाला सबसे डरावना था। लोग कह रहे हैं कि सड़क किनारे खड़े वाहनों की सेफ्टी चेक होनी चाहिए। फायर ब्रिगेड की टीम ने फिर साबित कर दिया कि वो किसी सुपरहीरो से कम नहीं। तीन घंटे की लड़ाई के बाद आग बुझी, तो सबने राहत की सांस ली।

अगर आप भी आरटीओ रोड से गुजरते हैं, तो सावधान रहें। ऐसे कंटेनरों से दूरी बनाएं। और हां, अगर कभी धुआं दिखे तो तुरंत 112 या फायर ब्रिगेड को कॉल करें। ये हादसा सबक है कि लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है। कंपनी अब इंश्योरेंस क्लेम करेगी, लेकिन चिप्स तो वापस नहीं आएंगे। मुरादाबाद की ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, लोग वीडियो शेयर कर रहे हैं। देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं!

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरी रिपोर्ट आएगी। फिलहाल इलाका नॉर्मल हो गया है, लेकिन धुएं की बदबू अभी भी है। ऐसे में सवाल उठता है – क्या हमारी सड़कें सुरक्षित हैं? अगला हादसा कब? सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!