हाइलाइट्स (Highlights):
- बहजोई के गांव अर्जुनपुर जूना में मंगलवार शाम घर की छत पर हुआ दिल दहला देने वाला हादसा।
- बंदर भगाने गई 10 वर्षीय निशा हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई; चीख सुनकर बचाने दौड़ी मां शीला भी करंट से झुलसी।
- दोनों को सीएचसी में कराया गया भर्ती, प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर।
- विद्युत विभाग के SDO का बयान: ‘हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे बनाया गया है मकान, पहले ही दी गई थी लाइन शिफ्ट कराने की सलाह।’
विस्तृत खबर (Full Story):
Bahjoi News Today-बहजोई। बहजोई क्षेत्र के गांव अर्जुनपुर जूना में मंगलवार शाम एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। घर की छत पर बंदर भगाने गई एक 10 वर्षीय बच्ची और उसे बचाने दौड़ी उसकी मां हाईटेंशन (HT) लाइन के करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गईं। परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
बंदर भगाते वक्त हुआ हादसा, बचाने में मां भी झुलसी
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे की है। गांव अर्जुनपुर जूना निवासी 10 वर्षीय निशा छत पर आए बंदरों को भगाने के लिए ऊपर गई थी। इसी दौरान वह घर के बेहद करीब से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। करंट लगते ही बच्ची जोर से चीखी और छटपटाने लगी।
बेटी की चीख सुनकर नीचे मौजूद मां शीला बदहवास होकर छत की ओर दौड़ी। उसने बिना अपनी जान की परवाह किए निशा को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस प्रयास में वह खुद भी हाईटेंशन लाइन के भारी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई।
हादसे पर एक नज़र (Quick Facts):
| विवरण | जानकारी |
| घटनास्थल | गांव अर्जुनपुर जूना (बहजोई) |
| घायल | शीला (मां) और निशा (10 वर्षीय बेटी) |
| हादसे का समय | मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे |
| हादसे का कारण | छत के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन |
| वर्तमान स्थिति | जिला अस्पताल में इलाज जारी |
SDO बोले- ‘हाईटेंशन लाइन के नीचे बना लिया था मकान’
इस पूरी घटना पर विद्युत विभाग के एसडीओ (SDO) मनोज कुमार ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि अर्जुनपुर जूना में पीड़ित परिवार द्वारा हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे ही घर का निर्माण कर लिया गया है।
एसडीओ के मुताबिक, जब मकान बन रहा था, उसी समय गृहस्वामी को यह स्पष्ट हिदायत दी गई थी कि पहले हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करा लें, उसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाएं। लेकिन गृहस्वामी ने यह बात नहीं मानी। अधिकारी का कहना है कि यदि गृहस्वामी ने समय रहते लाइन शिफ्ट कराने की बात मान ली होती और सुरक्षा नियमों का पालन किया होता, तो शायद आज यह दर्दनाक घटना नहीं घटती।